Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

गरियाबंद में सरकारी कर्मचारी नेताओं के साथ व्यस्त, दफ्तरों में कामकाज प्रभावित — सरकारी सेवा या राजनीतिक संगत

गरियाबंद से देव प्रसाद बघेल की रिपोर्ट
गरियाबंद से देव प्रसाद बघेल की रिपोर्ट

*गरियाबंद*:- जिले में इन दिनों कुछ सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पंचायत सचिव, डॉक्टर, शिक्षक सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी कार्यालयीन समय में जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रमों, बैठकों और दौरों में लगातार नजर आ रहे हैं। इससे सरकारी दफ्तरों के नियमित कामकाज पर असर पड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

दफ्तरों में ताले, जनता परेशान

ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार कई बार लोग प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु पंजीयन, मनरेगा भुगतान या अन्य योजनाओं से संबंधित कार्यों के लिए पंचायत और ब्लॉक कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन संबंधित कर्मचारी उपलब्ध नहीं मिलते। स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और स्कूलों में शिक्षकों के समय पर न पहुंचने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब कर्मचारी अपने मूल दायित्वों को छोड़कर नेताओं के कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं, तो आम जनता को अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और पारदर्शिता पर भी प्रश्न उठने लगे हैं

आचरण नियमावली का क्या?

सरकारी कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम लागू होते हैं, जिनमें राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने और प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने का स्पष्ट प्रावधान है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या कार्यालयीन समय में नेताओं के साथ कार्यक्रमों में भागीदारी नियमों के अनुरूप है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कर्मचारी विभागीय समन्वय या शासकीय कार्यक्रमों के तहत शामिल होते हैं, तो यह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। लेकिन यदि सहभागिता नियमित रूप से गैर-आवश्यक कार्यक्रमों में हो रही है, तो यह सेवा नियमों की भावना के विपरीत माना जा सकता है।

प्रशासन की भूमिका पर निगाह

जिले में इन चर्चाओं के बीच अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिक गई हैं। क्या प्रशासन इस विषय में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगा? क्या कार्यालयीन समय में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरती जाएगी?

निष्पक्षता और जवाबदेही जरूरी

लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि कर्मचारी राजनीतिक छवि के साथ जुड़े दिखते हैं, तो इससे सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

अब यह देखना होगा कि गरियाबंद में उठ रहे इन सवालों पर जिला प्रशासन किस तरह की स्पष्ट नीति और निगरानी तंत्र लागू करता है, ताकि सरकारी सेवा और राजनीतिक गतिविधियों के बीच संतुलन कायम रह सके और आम जनता को समय पर सेवाएं मिलती रहें।

महाशिवरात्रि पर निर्माणाधीन गौधाम बना आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक,पार्थिव शिवलिंगों का हुआ रुद्राभिषेक,नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा हुए शामिल
आज फोकस में

महाशिवरात्रि पर निर्माणाधीन गौधाम बना आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक,पार्थिव शिवलिंगों का हुआ रुद्राभिषेक,नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा हुए शामिल

रायपुर : होली से पहले कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात
आज फोकस में

रायपुर : होली से पहले कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात

एनटीपीसी द्वारा इंडियन पावर स्टेशन ओ एंड एम कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन रायपुर में
आज फोकस में

एनटीपीसी द्वारा इंडियन पावर स्टेशन ओ एंड एम कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन रायपुर में

“जहां बनना था भविष्य, वहां पनप रहा अपराध”
आज फोकस में

“जहां बनना था भविष्य, वहां पनप रहा अपराध”

राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की संवेदनशीलता की मिसाल,दिव्यांग बच्चों को कराया मेले व मीना बाजार का भ्रमण
आज फोकस में

राजिम विधायक रोहित साहू ने पेश की संवेदनशीलता की मिसाल,दिव्यांग बच्चों को कराया मेले व मीना बाजार का भ्रमण

रायपुर : मुख्यमंत्री कन्या विवाह में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घराती बन बारात परघाकर किया सभी का स्वागत
आज फोकस में

रायपुर : मुख्यमंत्री कन्या विवाह में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घराती बन बारात परघाकर किया सभी का स्वागत

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

और भी पढ़ें

विधायक गोमती साय के सतत प्रयासों से पत्थलगांव शहर को मिली 36.85 करोड़ की सौगात,तीनों मुख्य सड़कों का होगा कायाकल्प..विधायक ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री का जताया आभार

📝 संपादक की जानकारी

संपादक: फिरोज खान

पता: बिलासपुर, छत्तीसगढ़ - 495001

संपर्क नंबर: 📞 98271 37773 📞 97131 37773 📞 98279 60889

ईमेल: firojrn591@gmail.com


वेबसाइट में प्रकाशित खबरों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है समाचार की विषयवस्तु संवाददाता के विवेक पर निर्भर यह एक हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश और दुनिया की खबरें प्रकाशित की जाती हैं। वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी समाचार से संबंधित कानूनी विवाद की स्थिति में केवल बिलासपुर न्यायालय की ही मान्यता होगी।

WhatsApp