कोटा ब्लॉक के शिक्षा विभाग के नए-नए कारनामे ससुर की जगह दामाद स्कूल में ड्यूटी
नई शराब की दुकानों की संख्या बढ़ सकती है मगर शिक्षकों की नहीं
सरकार इन दिनों चारों तरफ से घिर चुकी है सभी विभाग के लोग हड़ताल कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी दल जल जंगल ,शराब दुकान खोलने व यूरिया एवं खाद की कमी तथा अवैध रेत उत्खनन बुनियादी चीजों के लिए चक्का जाम व रोड पर उतरकर सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं विदित हो की
हितग्राहियों को चना नहीं मिल पा रहा है किसानों को युरिया नहीं मिल पा रहा है और बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पा रही है यह आलम है इस छत्तीसगढ़ प्रदेश का जहां एक ओर सरकार स्लोगन देती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ वही चुरेली स्कूल के प्रधान पाठक मध्यान भोजन में 14 साल की बेटी को खाना बनवा रहे हैं और सरकार की इस योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर पलिता लगा रहे हैं जहां एक ओर शासन के द्वारा प्रधान पाठकों को ट्रेनिंग देकर अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित किया जाता है वही चुरेली के प्रधान पाठक खाद्यान्न को जमीन में रखकर उसके ऊपर झाड़ू और कचरा फैला रहता है और इस मध्यान भोजन को बच्चों को परोसा जा रहा है तथा हर बच्चों को खिलाया जाता है
ऐसे प्रधान पाठक को ट्रेनिंग देकर मतलब ही क्या होता है सरकार का पैसा फिजूल में खर्च कर रहे हैं शिक्षा विभाग के कारनामे अजब अजब तरीके के हैं आमागार प्राथमिक स्कूल का हाल इससे भी बेहतर है जहां विगत 2 सालों से एक शिक्षक जो पैरालाइज हो गया है उस शिक्षक की जगह शिक्षक के दामाद शराब पीकर स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाई कार्य करवा रहे हैं
अब आप समझ सकते हैं कि शराब पिया हुआ व्यक्ति बच्चों को क्या शिक्षा देगा जब इस पर खंड शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया गया तो उनका कहना है मैं आकर देखता हूं अब जब खंड शिक्षा अधिकारी जाकर देखेंगे तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा और उस नोटिस से खंड शिक्षा अधिकारी संतुष्ट होंगे पूरे शिक्षकों को यह पता है की ज्यादा से ज्यादा नोटिस और नोटिस के मामले में शिक्षक अपने कर्तव्य से ज्यादा नोटिस के जवाब देने के लिए निपुण हो चुके हैं
यह कैसा आलम है कि जहां शिक्षक लेट लतीफ़ पहुंचते हैं और समय से पहले अपने घर जाने की चिंता रहती है इसका भी एक कारण है कि शिक्षक को स्वयं में मालूम है कि सरकारी स्कूल का हाल बेहाल है इसलिए सरकारी स्कूल के शिक्षक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं ऐसे ही शिक्षकों के करनामें हम रोज आपको दिखाएंगे और अंततः हम और यहां की जनता यह देखना चाहेगी कि जिसके ऊपर जिम्मेदारी है कोटा ब्लॉक की वह आखिर इस जिम्मेदारी का निर्वहन कैसे करते हैं
ससुर की जगह दामाद नौकरी कर रहा है जिसका वीडियो समय न्यूज़ के पास सुरक्षित है







