
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी अब खतरनाक रूप लेने लगी है।
राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब इसका असर सिर्फ इंसानों पर नहीं, बल्कि वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है।
प्रदेश में शनिवार को सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दुर्ग में पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया। राजधानी रायपुर में भी अधिकतम तापमान 44 दशमलव 5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब दो डिग्री ज्यादा है।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक रायपुर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। हवा में नमी का स्तर घटकर सिर्फ 13 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे वातावरण बेहद शुष्क बना हुआ है।
इस बार बस्तर संभाग भी भीषण गर्मी की चपेट में है।
आमतौर पर ठंडा रहने वाला जगदलपुर इस बार तप रहा है। यहां तापमान 43 दशमलव 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री ज्यादा है।
भीषण गर्मी का असर अब जल संकट के रूप में भी सामने आने लगा है।
बेमेतरा में भूजल स्तर 150 फीट तक नीचे चला गया है। कवर्धा, धमतरी और दुर्ग जैसे जिलों में भी भूजल तेजी से गिर रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी और सूखे हालात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
वहीं कोरबा जिले के पाली क्षेत्र से बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं।
यहां नौकोनिया तालाब के आसपास पेड़ों पर बसेरा बनाए चमगादड़ तेज गर्मी और हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। बड़ी संख्या में चमगादड़ पेड़ों से नीचे गिरकर मर रहे हैं, जबकि कई मृत अवस्था में पेड़ों पर उल्टे लटके मिले।
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।
हर साल फरवरी और मार्च में प्रवासी चमगादड़ इस इलाके में पहुंचते हैं और तालाब किनारे डेरा जमाते हैं। लेकिन इस बार रिकॉर्ड गर्मी उनके लिए जानलेवा साबित हो रही है।
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सुबह और शाम तालाब के ऊपर उड़ते चमगादड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र हुआ करते थे, लेकिन अब लगातार हो रही मौतों ने सभी को परेशान कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ता तापमान, घटती हरियाली और जल संकट आने वाले समय में और गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं।
फिलहाल छत्तीसगढ़ में गर्मी का सितम जारी है… और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, दोपहर में बाहर निकलने से बचने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर! 46 डिग्री तापमान से इंसान ही नहीं, बेजुबान भी बेहाल… पाली में सैकड़ों चमगादड़ों की मौत">







