ब्यूरो रिपोर्ट समय न्यूज़ लाइव
सुशासन तिहार में आवेदकों पर मेहरबानी उसके बाद हम नहीं जानते आप कौन हो
रामनरेश बागड़ी पटवारी जातिगत गालियां देकर संबोधन कर रहा नहीं करूंगा काम कहीं भी जाना चले जाओ
“सुशासन तिहार में दिया आवेदन, फिर भी महीनों चक्कर काट रहे किसान — कोटा के बेलगहना में RI-पटवारी पर जातिसूचक गाली देने और पत्रकार को धमकाने का आरोप, शासन-प्रशासन कब जागेगा?”
डांडबछाली के ग्रामीण बोले ‘नाप दो जमीन या चले जाओ’, पत्रकारों ने कलेक्टर को घेरने की चेतावनी दी
जमीन का सीमांकन बना जी का जंजाल
बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड का बेलगहना क्षेत्र इन दिनों सुर्खियों में है। वजह है ग्राम पंचायत डांडबछाली में जमीन सीमांकन का बवाल। ग्रामीणों का आरोप है कि वे अपनी जमीन नपवाने के लिए पिछले कई महीनों से पटवारी और राजस्व निरीक्षक के दफ्तरों की चौखट घिस रहे हैं।
सुशासन तिहार में बड़े-बड़े वादे हुए, आवेदन भी लिया गया। ग्रामीणों को लगा अब तो काम हो जाएगा। लेकिन हुआ उल्टा। महीनों बाद जब राजस्व अमला गांव पहुंचा तो इंसाफ देने की बजाय ग्रामीणों को ही हड़काने लगा।
पत्रकार ने सवाल पूछा तो RI बोले — ‘तुम ही नाप लो जमीन’
मौके पर बेलगहना पत्रकार संघ के वरिष्ठ पत्रकार मजहर खान पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की तकलीफ देखी तो कैमरा निकालकर वीडियो बनाने लगे और RI से सवाल पूछे कि इतनी देरी क्यों हो रही है।
बस फिर क्या था। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने पत्रकार को ही धमका डाला — “तुम वीडियो-फोटो क्यों ले रहे हो, किसने कहा है? यहां से चले जाओ या फिर तुम ही जमीन नाप लो।”
पत्रकार संघ का कहना है कि यह सीधे-सीधे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। जब पत्रकार सवाल नहीं पूछेगा तो जनता की आवाज कौन उठाएगा?
पटवारी पर सबसे बड़ा दाग — जातिसूचक गाली का आरोप
ग्रामीणों का गुस्सा पटवारी राम रमेश बागड़ी पर सबसे ज्यादा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी ने बातचीत के दौरान अनुसूचित जाति के लोगों के लिए खुलेआम जातिसूचक और बेहद अभद्र गालियों का इस्तेमाल किया।
हद तो तब हो गई जब कथित तौर पर पटवारी ने धमकी भरे लहजे में कह दिया कि “वह संबंधित भूमि का सीमांकन नहीं होने देंगे।”
गांव में आक्रोश: ग्रामीणों का कहना है कि अगर सरकारी कर्मचारी ही जाति के नाम पर गाली देगा और काम रोकने की धमकी देगा, तो गरीब आदमी कहां जाएगा? यह सिर्फ नौकरी का मामला नहीं, सीधे SC/ST एक्ट के तहत जेल जाने वाला अपराध है।
पत्रकार संघ का ऐलान — अब आर-पार की लड़ाई
इस घटना के बाद बेलगहना के पत्रकारों ने कमर कस ली है। बेलगहना पत्रकार संघ के अध्यक्ष रवि राज ने ऐलान किया है कि पूरे मामले को लेकर बिलासपुर कलेक्टर का घेराव किया जाएगा।
संघ की 4 बड़ी मांगें:
RI और पटवारी को तुरंत सस्पेंड कर जांच बैठाई जाए
जातिसूचक टिप्पणी पर SC/ST एक्ट में FIR दर्ज हो
पत्रकार से दुर्व्यवहार पर माफी मंगवाई जाए
डांडबछाली में 7 दिन के अंदर सीमांकन पूरा कराया जाए
रवि राज ने साफ कहा — “अगर सरकारी अधिकारी ही ग्रामीणों को गाली देगा और पत्रकारों को धमकाएगा, तो सुशासन तिहार का क्या मतलब रह गया? प्रशासन को नींद से जागना होगा।”
बड़ा सवाल — कब तक चलेगा यह खेल?
डांडबछाली का यह मामला सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है। छत्तीसगढ़ के कई गांवों में यही हाल है। आवेदन दो, चक्कर काटो, और अफसरों की गाली सुनो।
अब देखना यह है कि बिलासपुर जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। क्या आरोपी RI और पटवारी पर गाज गिरेगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
ग्रामीणों की चेतावनी: अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो डांडबछाली के लोग कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठेंगे।

वारे सुशासन तिहार सब का काम हो गया सबके आवेदन पर कार्यवाही सुनिश्चित हो गई">







