
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दिलाई जल संरक्षण की शपथ
सीपत,,,,,जिले में जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत बिल्हा विकासखंड के ग्राम परसदा में भू-संरक्षण एवं जल संरक्षण पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। जल संरक्षण के लिए देश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सेवी नीरज वानखेड़े ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व और भू जल को सहेजने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और बिल्हा के जनपद अध्यक्ष मौजूद राम कुमार कौशिक सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जल जीवन के लिए अनमोल है लेकिन हमारे लगातार दोहन से भू जल स्तर में गिरावट आई है जिससे भावी पीढ़ी को जल संकट का सामना करना पड़ेगा, हमारी ये जिम्मेदारी है कि हम वर्षा जल का संरक्षण कर पानी को सहेजें और इस विकट समस्या से अपने गांव को बचाएं। उन्होंने वैकल्पिक खेती पर जोर देते हुए फसल विविधिकरण का संदेश दिया जिससे पानी की बचत हो। उन्होंने कहा कि हमें विभिन्न उपायों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए काम करना है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी जिम्मेदारी समझे और पानी बचाने में अपनी भूमिका निभाएं।

जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने कार्यक्रम में आजीविका डबरी निर्माण के विषय में जानकारी दी और बताया कि डबरी निर्माण पर शासन द्वारा 3 लाख की सहायता राशि दी जाती है।
इससे मछली, बत्तख पालन जैसी आजीविका गतिविधियांे के साथ ही पानी का उपयोग सिंचाई व निस्तारी के लिए किया जा सकता है। जनपद अध्यक्ष रामकुमार कौशिक ने विशेष रूप से जीरामजी के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीराम के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत किया जा रहा है।
इससे गांव आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
जल संरक्षण क्षेत्र में काम करने वाले श्वाटर हीरोश् के नाम से मशहूर जल संरक्षण कार्यकर्ता नीरज वानखेड़े ने जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व, गिरते भू-जल स्तर और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी।
उनके द्वारा वर्षा जल संचयन, जल-स्रोतों के संरक्षण, खेत तालाब निर्माण, मिट्टी कटाव रोकने तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से बताया गया। यहां मॉडल के जरिए यह बताया कि किस तरह गांवों में भू जल संवर्धन से हरियाली लाई जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा भविष्य में जल बचाने और भू-संरक्षण गतिविधियों को अपनाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, जनपद पंचायत बिल्हा के सीईओ कुमार सिंह, परसदा के सरपंच जितेन्द्र निर्णेजा सहित बड़ी संख्या में जनपद के अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण और समूह की दीदियां उपस्थित थीं।


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