दंतेवाड़ा :–जनजातीय संस्कृति, परंपराओं एवं पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के निदेशक राजीव प्रकाश ने विगत दिवस जिला कार्यालय में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव से सौजन्य भेंट की। इस दौरान दंतेवाड़ा में जनजातीय अनुसंधान पार्क की स्थापना हेतु दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रस्तावित जनजातीय अनुसंधान पार्क के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय विरासत, पारंपरिक ज्ञान, कला-कौशल एवं आजीविका के साधनों का संरक्षण, प्रलेखन एवं संस्थागत विकास किया जाएगा। यह पहल स्थानीय समुदायों को शोध, नवाचार और प्रशिक्षण से जोड़ते हुए सतत विकास की दिशा में सहायक सिद्ध होगी।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि यह एमओयू जिले के जनजातीय समाज की संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और आजीविका को संरक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे स्थानीय युवाओं को शोध, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा दंतेवाड़ा की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त होगी।
अपने प्रवास के दौरान आईआईटी भिलाई के निदेशक ने कुम्हाररास माटी कला केंद्र, कुम्हाररास डैम पॉटरी ग्राम, गामावाड़ा स्थित मेमोरी पिलर तथा पावन मां दंतेश्वरी मंदिर का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कला, संस्कृति एवं पर्यटन संभावनाओं की सराहना करते हुए इनके संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सहयोग की बात कही। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, पीपीआईएएफ (पब्लिक पॉलिसी इन एक्शन फेलो) टीम उपस्थित थे।









