बिलासपुर से धनंजय तिवारी की रिपोर्ट
बिलासपुर में उस समय सनसनी फैल गई जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को ईमेल के जरिए बम विस्फोट की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। जैसे ही यह खबर प्रशासन तक पहुंची, पूरे हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और एहतियातन न्यायिक कार्यवाही रोक दी गई।
जानकारी के अनुसार सुबह सामान्य दिनों की तरह अदालत की कार्यवाही चल रही थी। न्यायाधीश अपने-अपने कोर्ट कक्षों में सुनवाई कर रहे थे, तभी एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से सुनवाई स्थगित कर दी गई और संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे हाईकोर्ट परिसर, बार रूम, कोर्ट रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की गई। साथ ही परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर आसपास के क्षेत्र में सख्त निगरानी और नाकेबंदी की गई।
अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया तथा प्रवेश द्वारों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। साइबर सेल ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। फिलहाल किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जांच पूरी होने तक हाईकोर्ट परिसर में हाई अलर्ट जारी रहेगा।








