
विधायक प्रतिनिधि ने दी चेतावनी एक हफते में हालात नहीं सुधरे तो होगा आंदोलन ।
लापरवाह बीएमओ से नहीं सभंल रहा कोटा हॉस्पिटल
आखिर ऐसे बीएमओ पर कब होगी कार्रवाई
बीमार स्वास्थ्य केंद्र कोटा को यदि स्वस्थ करना है तो बीएमओ को हटाना होगा
कोटा – प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और यदि कोटा नगर पालिका को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो कोटा में ट्रीपल इंजन की सरकार है लेकिन इस सबके बावजूद कोटा का स्वास्थ्य केन्द्र सालों से जस का तस पड़ा है । कोटा की आम जनता को छोटी से छोटी बिमारी के लिए बिलासपुर या गनियारी जाना पड़ता है । कोटा का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अब सिर्फ रेफरल सेंटर बन कर रह गया है और ये सब हो रहा है यहां के लापरवाह अधिकारियों और गैरजिम्मेदार कर्मचारियों के कारण
कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लापरवाही अपने चरम पर है और इसका मुख्य कारण यहां के सबसे जिम्मेदार पद पर बैठे बीएमओ गुप्ता है और जब बीएमओ ही लापरवाह हो जाए तो फिर अन्य स्टाफ का क्या ही कहना ।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का बेण्डैज वाला कक्ष भी बंद पड़ा था और उसके सामने मरीज खड़े थे जानकारी लेने पर किसी ने भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी इसके बाद प्रतिक त्रिवेदी ने बीएमओ डा गुप्ता को काल किया लेकिन उन्होंने भी विधायक प्रतिनिधि के काल का उत्तर नहीं दिया ।
स्वास्थ्य केन्द्र की हालत देखने के बाद विधायक प्रतिनिधि प्रतिक त्रिवेदी ने दबंग न्यूज लाईव को विडियो और फोटो भेजा तथा स्वास्थ्य केन्द्र की अव्यवस्था को लेकन नाराजगी जताते हुए कहा कि – “कोटा सामुदायिक केन्द्र की हालत बहुत ज्यादा खराब है । यहां मरीजो के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है । ना ही ड्रेसिंग करने वाले का पता रहता है और ना ही एक्सरे वालों का । यहां के बीएमओं भी काल रिसिव नहीं करते । यदि एक हफते के अंदर बीएमओ ने यहां की व्यवस्था नहीं सुधारी तो आंदोलन किया जाएगा ।”
वैसे इसके पहले भी नगर पंचायत अध्यक्ष ने कई बार यहां के बीएमओ का व्यवस्था सुधारने के लिए कहा है लेकिन उसके बाद भी कोई सुधार देखने को नहीं मिला जानकारी ये भी प्राप्त हुई है कि बीएमओ डा गुप्ता स्वयं समय पर अस्पताल नहीं आते जिसके कारण यहां का बाकी स्टाफ भी लापरवाह हो गया है
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