
रतनपुर….की वंशिका पांडेय जो कि सेवानिवृत व्याख्याता स्व.राम स्नेही पांडेय की पौत्री है सन् 2022 में जेई मेन्स एवं एडवांस की परीक्षा आई इंडिया रैंक 3566 प्राप्त कर रतनपुर से पहली आई आई टी जाने वाली छात्रा होने का गौरव प्राप्त है,आई आई टी में चयन होने पर रतनपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में अरुण साव उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया था,
वंशिका पांडेय की प्राथमिक शिक्षा रतनपुर में वेंकटेश विद्या मंदिर में हुई आगे की पढ़ाई आधार शिला विद्या मंदिर बिलासपुर से शिक्षकों के मार्ग दर्शन और घर में अपना एक लक्ष्य निर्धारित कर अपने पिता विनय पांडेय पूर्व प्राचार्य सरस्वती शिशु मंदिर वर्तमान में शासकीय शिक्षक गणित विषय के मार्ग दर्शन में सोशल मीडिया से दूरी बना कर की अपनी जे ई मेंस एवं एडवांस की तैयारी में किसी भी कोचिंग में आन लाइन या आफ लाइन प्रवेश नहीं ली और 12 की परीक्षा के साथ ही तैयारी कर यह सफलता प्राप्त की छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में खनिज,कोल होने पर वंशिका ने लड़कियों के हार्ड कोर मानी जाने वाली माइनिंग ब्रांच को प्रवेश में प्राथमिकता दी और भारत की सबसे प्रतिष्ठित आई आई टी(इंडियन स्कूल ऑफ माइंस)धनबाद में प्रवेश प्राप्त की,धनबाद में 7 वे सेमेस्टर के बाद आयोजित कैंपस सलेक्शन में भारत सरकार का उपक्रम IREL इंडियन रेयर अर्थ लिमिटेड में मैनेजमेंट ट्रेनीज के पद पर 15 लाख के पैकेज पर चयन हुआ है,
IRELभारत सरकार की PSU कम्पनी हैं जिसकी स्थापना 1950 में डिपार्टमेंट ऑफ़ एटॉमिक एनर्जी मंत्रालय द्वारा किया गया है जिसमें समुद्री तटों में मिलने वाली रेत से दुर्लभ खनिज इलेमाइट,रूटाइल जीरकान,सिलिमेनाइट,गार्नेट आदि खनिज को प्रोसेसिंग करती हैं इनका उपयोग परमाणु ऊर्जा,एयरो स्पेस,पेंट, सिरेमिक और इलेक्ट्रॉनिक में होता हैं वंशिका पांडेय अपनी इस सफलता का श्रेय शिक्षकों,माता-पिता श्रीमती विनीता विनय पांडेय,दादा-दादी का आशीर्वाद एवं मां महामाया की कृपा को देती हैं साथ ही आई आई टी में चयन होने पर रतनपुर प्रेस क्लब द्वारा प्रतिभा सम्मान प्राप्त करने को सबसे यादगार पल मानती है और उन्होंने कहा कि रतनपुर में सम्मान प्राप्त होने से मुझे और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।अभी तो ये शुरुआत है आगे मेरा लक्ष्य छत्तीसगढ़ में आकर छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा जिसमें दुर्लभ खनिज की प्रचुर मात्रा है उसके प्रोसेसिंग पर कार्य करना है। जिन छात्रों को सफलता प्राप्त करनी हो तो एक लक्ष्य निर्धारित कर उस पर सतत प्रयास करना चाहिए








