बिलासपुर से धनंजय तिवारी की रिपोर्ट
सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। अब सड़क हादसे के पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती होने के बाद 7 दिनों तक या अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। बिलासपुर जिले में इस योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों को जोड़ा गया है।
बिलासपुर जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार की पीएम राहत यानी PM-RAHAT योजना लागू की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने के बाद अधिकतम 7 दिनों तक या 1 लाख 50 हजार रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसे के बाद के गोल्डन ऑवर में घायलों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि समय पर उपचार से उनकी जान बचाई जा सके।

योजना के प्रभावी संचालन के लिए अस्पतालों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है और राज्य स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बिलासपुर जिले में इस योजना के तहत कुल 37 सरकारी और निजी अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है, जहां दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल उपचार मिलेगा।
सरकारी अस्पतालों में सीएचसी तखतपुर, सीएचसी बिल्हा, सीएचसी मस्तूरी, सीएचसी कोटा, सिम्स बिलासपुर और जिला अस्पताल बिलासपुर शामिल हैं। वहीं कई निजी अस्पतालों को भी इस योजना में जोड़ा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।

सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को नजदीकी पंजीकृत अस्पताल तक तुरंत पहुंचाएं, ताकि समय पर इलाज मिल सके और गंभीर परिणामों से बचाव हो सके।









