Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

रायपुर : बस्तर की बेटी हेमलता बनीं उद्यमिता की मिसाल

रायपुर :—बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम माड़पाल की रहने वाली हेमलता कश्यप की कहानी आज उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को दम तोड़ने देते हैं। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटे से गांव में रहने वाली हेमलता के परिवार की आर्थिक स्थिति कभी काफी चुनौतीपूर्ण थी। महज एक एकड़ कृषि भूमि और छह सदस्यों वाले बड़े परिवार की जिम्मेदारी के बीच 12वीं पास हेमलता हमेशा से अपने पिता पाकलु कश्यप का हाथ बंटाना चाहती थीं। उनके मन में कुछ कर गुजरने की सोच तो थी, लेकिन सही दिशा और पूंजी का अभाव आड़े आ रहा था।

इसी दौरान हेमलता की नजर अखबार में छपी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना पर पड़ी। उन्होंने इसे अपनी किस्मत बदलने के अवसर के रूप में देखा और अपने पिता के साथ जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जगदलपुर के कार्यालय पहुंचीं। वहां अधिकारियों से मिली विस्तृत जानकारी ने उनके भीतर किराना दुकान शुरू करने का उत्साह जगा दिया। उनके घर की स्थिति भी व्यापार के अनुकूल थी, क्योंकि उनका मकान मुख्य मार्ग पर स्थित था। सबसे बड़ी बात यह थी कि गांव में किराने की दुकान न होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए 10 किलोमीटर दूर नगरनार जाना पड़ता था। ग्रामीणों की इस असुविधा को दूर करने और आत्मनिर्भर बनने के संकल्प के साथ हेमलता ने ऋण के लिए आवेदन किया।

दिसंबर 2022 में माड़पाल स्थित छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा से उन्हें 2 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें शासन की ओर से 50 हजार रुपये का अनुदान भी मिला। इस राशि से उन्होंने मेसर्स कश्यप किराना स्टोर्स की नींव रखी। व्यवसाय शुरू होते ही उनकी मेहनत रंग लाने लगी और आज उनकी दुकान पर प्रतिदिन हो रही बिक्री के कारण उन्हें हर दिन 500 से 700 रुपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त होती है।

हेमलता ने महज तीन वर्षों के भीतर अपने ऋण की पूरी राशि का भुगतान कर दिया है और अब उनका वार्षिक टर्नओवर 2 से 3 लाख रुपये के बीच है। आज हेमलता न केवल अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन चुकी हैं, बल्कि अपनी सफलता से बेहद खुश और संतुष्ट भी हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह छोटा सा प्रयास आज एक सशक्त स्वरोजगार मॉडल बन चुका है, जो यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली के नए द्वार खोले जा सकते हैं।

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

और भी पढ़ें

📝 संपादक की जानकारी

संपादक: फिरोज खान

पता: बिलासपुर, छत्तीसगढ़ - 495001

संपर्क नंबर: 📞 98271 37773 📞 97131 37773 📞 98279 60889

ईमेल: firojrn591@gmail.com


वेबसाइट में प्रकाशित खबरों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है समाचार की विषयवस्तु संवाददाता के विवेक पर निर्भर यह एक हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश और दुनिया की खबरें प्रकाशित की जाती हैं। वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी समाचार से संबंधित कानूनी विवाद की स्थिति में केवल बिलासपुर न्यायालय की ही मान्यता होगी।

WhatsApp