
बिलासपुर, :— जिले में राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण के लिए राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत गांव-गांव में समाधान शिविर लगाए जाएंगे, जहां किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक में इसकी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में पहुंचने वाले प्रत्येक आवेदक की समस्या का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

राजस्व पखवाड़ा तीन चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, दूसरा चरण 4 मई से 18 मई और तीसरा चरण 1 जून से 15 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान राजस्व अमला गांव स्तर पर पहुंचकर लंबित प्रकरणों का निराकरण करेगा।
अभियान के तहत अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटांकन और अन्य लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा और अभिलेख त्रुटि सुधार जैसे प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन कर सुनवाई और समाधान शिविर स्थल पर ही किया जाएगा।

इसके अलावा जनहानि, फसल क्षति और पशु हानि से जुड़े मामलों का भी त्वरित निराकरण किया जाएगा। भूमिस्वामियों के खातों में आधार, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

शिविरों में बी-1, खसरा और किसान किताब से जुड़े आवेदनों का मौके पर निराकरण होगा, वहीं आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे।
अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम पंचायतों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इस योजना का लाभ उठा सकें। साथ ही, प्रतिदिन प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की जानकारी संबंधित कार्यालयों को भेजी जाएगी।







