
सीपत :– जिला प्रशासन के सख्त निर्देश पर शुक्रवार को सीपत धान खरीदी केंद्र में की गई जांच के दौरान चौंकाने वाली अनियमितता सामने आई है। मस्तूरी ब्लॉक की सहकारिता सीईओ गोधूलि वर्मा एवं सहायक खाद्य अधिकारी राजीव तिवारी के नेतृत्व में गठित जांच दल ने केंद्र का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें बड़े स्तर पर धान की कमी पाई गई। जांच में सामने आया कि सीपत धान खरीदी केंद्र में 486 क्विंटल धान, यानी लगभग 1215 बोरी धान उपलब्ध होना चाहिए था। लेकिन जब टीम ने मौके पर भौतिक सत्यापन किया तो मात्र 177 बोरी धान ही पाया गया। इस प्रकार सैकड़ों बोरियों का अंतर सामने आने से पूरे मामले में गंभीर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। स्थिति और भी गंभीर तब हो गई जब जांच के दौरान मौजूद धान का वजन भी मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। कई बोरियों में निर्धारित वजन से कम तो कई बोरियो में वजन से ज्यादा धान पाया गया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि खरीदी एवं भंडारण प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर अनियमितता हुई है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर भी मौके पर उपस्थित रहे और पूरी कार्रवाई का अवलोकन किया।जांच दल ने मौके पर ही विस्तृत पंचनामा तैयार कर लिया है, जिसे शीघ्र ही उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में गतौरा धान खरीदी केंद्र में भी इसी प्रकार के शॉर्टेज के मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। ऐसे में सीपत केंद्र में सामने आए इस बड़े अंतर के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
–: रिपोर्ट तैयार कर लिया गया है। संबंधित अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। :—
गोधूलि वर्मा
सहकारिता सीईओ मस्तूरी ब्लॉक

सीपत धान खरीदी केंद्र में बड़ा घोटाला उजागर, जांच में भारी अनियमितता सामने आई">








