Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

बाबू प्यारेलाल गुप्त की 134वीं जयंती पर रतनपुर की ऐतिहासिक चेतना जागृत

रतनपुर से रवि ठाकुर की रिपोर्ट
रतनपुर से रवि ठाकुर की रिपोर्ट

रतनपुर राज्य का इतिहास’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण, इतिहासकारों को मिला राज्य स्तरीय सम्मान

रतनपुर:—
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में रविवार को एक गरिमामय आयोजन के माध्यम से उस सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा दी गई, जिसकी जड़ें कल्चुरि राजवंश, प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों में गहराई से जुड़ी हुई हैं। अवसर था छत्तीसगढ़ के महान साहित्य मनीषी, इतिहासकार बाबू प्यारेलाल गुप्त जी की 134वीं जयंती का, जिसे सृजन पीठ रतनपुर द्वारा आयोजित व्याख्यान माला एवं पुस्तक विमोचन समारोह के रूप में मनाया गया।मुख्य अतिथि डॉ. रमेन्द्र मिश्र, जो कि छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित इतिहासकार हैं, ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा –— “रतनपुर की ऐतिहासिक परंपरा केवल स्मृति नहीं, यह हमारी सांस्कृतिक पहचान है। इसका संरक्षण हमारे समाज का नैतिक उत्तरदायित्व है।”
उन्होंने रतनपुर की पुरा संपदा, कल्चुरियों की शासन व्यवस्था, तथा यहां की ऐतिहासिक निरंतरता को संदर्भित करते हुए संरक्षण पर बल दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पुरातत्ववेत्ता डॉ. जी. एल. रायकवार ने की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कंठी देवल मंदिर में उत्कीर्ण लिंगोद्भव शिव प्रतिमा तथा हाथीकिला में स्थित रावण की शिल्पित प्रतिमा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि “इन दुर्लभ शिल्पों में न केवल धार्मिक आस्था है, बल्कि एक समृद्ध कलात्मक परंपरा भी सजीव है।”विशिष्ट अतिथि विजय कुमार गुप्ता (वरिष्ठ साहित्यकार, बिलासपुर) ने रतनपुर के मंदिरों, प्राचीन जल संरचनाओं एवं सरोवरों की ऐतिहासिक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “रतनपुर की हर धरोहर इतिहास की एक जीवित किताब है।”डॉ. सुनील जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “इतिहास केवल संग्रहालयों में नहीं बसता, वह हमारे गाँव, नगर और संस्कारों में मौजूद रहता है। रतनपुर जैसे नगरों का इतिहास समाज के स्तर पर सहेजने की जरूरत है।”

‘रतनपुर राज्य का इतिहास’ का लोकार्पण

इस आयोजन में बाबू प्यारेलाल गुप्त द्वारा वर्ष 1944 में लिखित, तथा सृजन पीठ द्वारा पुनः प्रकाशित की गई ऐतिहासिक कृति ‘रतनपुर राज्य का इतिहास’ का लोकार्पण मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष द्वारा किया गया। यह ग्रंथ रतनपुर के राजनैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास का दस्तावेज है, जिसे अब नई पीढ़ी के लिए सुलभ बनाया गया है।

गौरव सम्मान से विभूषित हुए इतिहास पुरुष

समारोह में डॉ. रमेन्द्र मिश्र को ‘छत्तीसगढ़ इतिहास गौरव सम्मान’ तथा डॉ. जी. एल. रायकवार को ‘छत्तीसगढ़ पुरा गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। उन्हें शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र प्रदान कर सृजन पीठ द्वारा कृतज्ञता व्यक्त की गई।

ऐतिहासिक वातावरण में हुआ आयोजन

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। सृजन पीठ के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र कुमार वर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि “बाबू प्यारेलाल गुप्त न केवल रतनपुर के इतिहास के सजग लेखक थे, बल्कि वे उस विरासत के प्रहरी भी थे।”

कार्यक्रम का संचालन ब्रजेश श्रीवास्तव ने संयत और साहित्यिक अंदाज़ में किया।

यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं था, बल्कि यह रतनपुर की ऐतिहासिक चेतना को पुनः जीवंत करने वाला क्षण था। इतिहासकारों, साहित्यकारों और पुरातत्व प्रेमियों की यह संगोष्ठी रतनपुर के नाम एक प्रेरक संदेश छोड़ गई — इतिहास को केवल पढ़ा नहीं जाता, उसे जिया भी जाता है।

डेढ़ साल से भुगतान अटका, PHE ठेकेदारों ने उतारी शर्ट
आज फोकस में

डेढ़ साल से भुगतान अटका, PHE ठेकेदारों ने उतारी शर्ट

विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री व दोनों उपमुख्यमंत्रियों से की आत्मीय भेंट, लोकतांत्रिक प्रक्रिया का लिया अनुभव
आज फोकस में

विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री व दोनों उपमुख्यमंत्रियों से की आत्मीय भेंट, लोकतांत्रिक प्रक्रिया का लिया अनुभव

भारी बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 45 कॉम्बेट टीमें 24×7 तैनात
आज फोकस में

भारी बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 45 कॉम्बेट टीमें 24×7 तैनात

विशेष लेख:- दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई इबारत: नारायणपुर में समय पर उपचार, सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बचपन की ओर सशक्त कदम
आज फोकस में

विशेष लेख:- दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई इबारत: नारायणपुर में समय पर उपचार, सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बचपन की ओर सशक्त कदम

कोटा विकासखंड के शिक्षकों ने बढ़ाया जिले का राष्ट्रीय स्तर पर कोटा के शिक्षकों का शानदार सम्मान
आज फोकस में

कोटा विकासखंड के शिक्षकों ने बढ़ाया जिले का राष्ट्रीय स्तर पर कोटा के शिक्षकों का शानदार सम्मान

महिलाओं की एकजुटता से बचेगी छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, कांग्रेस विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाएं”
आज फोकस में

महिलाओं की एकजुटता से बचेगी छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, कांग्रेस विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाएं”

भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

और भी पढ़ें

📝 संपादक की जानकारी

संपादक: फिरोज खान

पता: बिलासपुर, छत्तीसगढ़ - 495001

संपर्क नंबर: 📞 98271 37773 📞 97131 37773 📞 98279 60889

ईमेल: firojrn591@gmail.com


वेबसाइट में प्रकाशित खबरों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है समाचार की विषयवस्तु संवाददाता के विवेक पर निर्भर यह एक हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश और दुनिया की खबरें प्रकाशित की जाती हैं। वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी समाचार से संबंधित कानूनी विवाद की स्थिति में केवल बिलासपुर न्यायालय की ही मान्यता होगी।

WhatsApp