
रतनपुर….रतनपुर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।रामदरबार होम स्टे के संचालक देवकुमार थवाईत ने तहसीलदार शिल्पा भगत पर रिश्वत मांगने और मना करने पर बिना ठोस कारण अतिथि निवास को सील किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी के विरोध में देवकुमार थवाईत अपने परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।

देवकुमार थवाईत का आरोप है कि उनके पड़ोसी राजू शर्मा एवं स्वीटी शर्मा की कथित मिलीभगत से तहसीलदार द्वारा कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि बीते 10 दिनों से रामदरबार होम स्टे को सील कर दिया गया है, जिससे उनका पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।अनशन पर बैठे देवकुमार थवाईत ने कहा कि होम स्टे को पुनः खोलने के लिए तहसीलदार द्वारा पैसों की मांग की गई। जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो सील हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह मनमानी और पक्षपातपूर्ण देव कुमार कहा कि“बिना किसी ठोस कारण मेरे होम स्टे को सील कर दिया गया है। जब मैंने पैसे देने से मना किया, तब से जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
अगर मेरे या मेरे परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके जिम्मेदार राजू शर्मा, स्वीटी शर्मा और तहसीलदार शिल्पा भगत होंगी।”न्याय नहीं मिलने पर दी गंभीर चेतावनी देवकुमार थवाईत ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे मजबूरी में और भी कठोर कदम उठाने को विवश होंगे। इस बयान के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल घटना के कई दिनों बाद भी न तो सीलिंग को लेकर कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक किया गया है और न ही अनशन पर बैठे परिवार से प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस संवाद सामने आया है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में भी इस मामले को लेकर रोष और चिंता देखी जा रही है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए,
ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिले वहीं, आमरण अनशन पर बैठे परिवार की स्थिति को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कब और क्या कदम उठाता है, या फिर यह विवाद और गहराता चला जाएगा।









