
सीपत :– शासकीय मदनलाल शुक्ल महाविद्यालय सीपत द्वारा रासेयो का विशेष शिविर ग्राम ठरकपुर में उत्साह और सामाजिक जागरूकता के वातावरण के बीच आयोजित किया गया। शिविर के दौरान छात्र छात्राओं ने रचनात्मक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामाजिक संदेशों से ग्रामीणों का मन मोह लिया। शिविर के छठवें दिन शनिवार रात्रि आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा, सीपत प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, पत्रकार हिमांशु गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, सरपंच चंद्रभूषण कश्यप, चंद्रशेखर साहू एवं नंदकुमार साहू उपस्थित रहे।
थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह व्यक्तित्व के समग्र विकास का माध्यम है, और इसमें एनएसएस की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने साइबर अपराधों पर विशेष चेतावनी देते हुए कहा कि आज हर वर्ग के लोग साइबर ठगी के जाल में फंस रहे हैं और इसका मुख्य कारण लालच और जागरूकता की कमी है। लालच नहीं करना है, डरना भी नहीं है —
समझदारी और सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। उन्होंने यातायात नियमों को जीवन रक्षा का माध्यम बताते हुए कहा कि नियम किसी को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। साथ ही शराब सेवन कर वाहन चलाने को गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इससे न केवल स्वयं का बल्कि दूसरों का जीवन भी जोखिम में पड़ता है।
ग्राम सरपंच चंद्रभूषण कश्यप ने रासेयो शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर गांवों में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि युवा जब शिक्षा, संस्कार और सेवा भावना को साथ लेकर आगे बढ़ते हैं, तो समाज में स्थायी परिवर्तन संभव होता है। हमारे गांव के लिए यह गर्व की बात है कि विद्यार्थियों ने यहां आकर केवल कार्यक्रम नहीं किए, बल्कि जागरूकता, संस्कार और सेवा का संदेश भी दिया। प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कहा कि एनएसएस हमें राष्ट्रसेवा की भावना सिखाता है और बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी देना जरूरी है।
पत्रकार हिमांशु गुप्ता ने कहा कि एनएसएस व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है और विद्यार्थियों को इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी शत्रुहन धृतलहरे ने बताया कि एनएसएस केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि ज्ञान, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का अभियान है। इस शिविर की सबसे प्रेरणादायक पहल रही प्रोत्साहन राशि को दान पात्र में एकत्रित कर जनहित में उपयोग करने का निर्णय। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को व्यक्तिगत रूप से न लेकर सामूहिक रूप से दान किया गया। इस राशि का उपयोग उन गरीब परिवारों के लिए किया जाएगा जो भोजन की व्यवस्था नहीं कर पाते तथा उन बच्चों के लिए जो आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित हैं।
यह पहल शिविर को केवल एक आयोजन नहीं बल्कि मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता का अभियान बना गई। दोपहर की बौद्धिक परिचर्चा में सकरी तहसीलदार सहोरिक यादव ने व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। रविवार को शिविर का समापन हुआ, जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ ग्रामवासियों का विशेष योगदान सराहा गया। रासेयो शिविर ने यह संदेश दिया कि जब युवा सेवा, जागरूकता और संवेदनशीलता को साथ लेकर चलते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव निश्चित है।









