
तखतपुर थाना टी. आई विवेक पांडे .द्वारा भाजपा के अनुसूचित जाति के नेताओ को मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी योजना गौधान कार्यक्रम में मंच व स्वागत में अंदर प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना,उनकी कुंठित मानसिकता को दर्शाता है बिहारी सिंह टोडर
भाजपा नेता बिहारी सिंह टोडर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा तखतपुर विधानसभा के ग्राम लाखासर में गौधान योजना की शुभारंभ किया गया,कार्यक्रम में भाजपा के कार्यकर्ताओं, नेताओ का मुख्यमंत्री की स्वागत के लिए एक सूची बनाई गई थी जिसमे सभी मोर्चा के नेताओ को स्थान दिया गया था उसी में कुछ अनुसूचित जाति के भाजपा नेताओं का नाम भी था, कार्यक्रम स्थल में मुख्यमंत्री के आने के पहले सूची अनुसार अन्य वर्ग के नेताओ को अंदर प्रवेश दिया गया किंतु अनुसूचित जाति के भाजपा नेताओं को अंदर जाने पर तखतपुर टी.आई. विवेक पांडे द्वारा जानबूझकर रोका गया,जबकि उन्हे बताया गया की हमारा नाम मुख्यमंत्री के स्वागत में है,
हम भाजपा अनुसूचित मोर्चा का नेता है, उन्हे हमारे द्वारा सूची भी दिखाया गया, हमने उन्हे कहा स्वागत करने नही देंगे तो कोई बात नही हमे तखतपुर विधायक जी से मिलकर वापस आने दिया जाय,यह भी कहा गया किंतु उन्होंने किसी भी नेता से बात करने से इनकार कर दिया, अब मुख्य बात यहां पर आकर रुकती है, हम समझते भी है की मुख्यमंत्री का प्रोटोकाल होता है, विशेष सुरक्षा व्यवस्था होती है तो क्या सिर्फ हमारे वर्ग विशेष के लिए,यदि स्वागत के लिए प्रतिबंध किया गया तो बाकी अनेकों नेताओ को जिनका सूची में नाम था उन्हे अंदर क्यों जाने दिया गया और अनुसूचित जाति याने हमारे वर्ग के नेताओ को क्यों जाने नही दिया गया, क्या दिखाने मात्र सूची में नाम रखा गया था,हमे अंदर जाने का शौक नही था, हम मुख्यमंत्री तखतपुर विधायक माननीय धर्मजीत सिंह जी का सम्मान करते है इसलिए हमने यह अपमान सह लिया अन्यथा हम ऐसे भेदभाव करने वाले अधिकारी के विरुद्ध आंदोलन को बाध्य हो जाते, हम मुख्यमंत्री से यह मांग करते है ऐसे अधिकारी जो वर्ग विशेष देखकर कार्य कर रहे है उन पर तत्काल कार्यवाही करे, और तखतपुर थाना से तत्काल हटाई जानी चाहिए क्योंकि छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग का बहुलता है 55 से 60 लाख वोट बैंक है जो छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने न बनाने में विशेष महत्व रखता है वर्तमान में यह वर्ग भाजपा पर विश्वास कर रही है और अपना वोट भी दिया है यदि ऐसे कुंठित मानसिकता के अधिकारियों की जानकारी जनता को हुई और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो ने हमारे पार्टी से मुंह मोड़ लिया तो जिम्मेदार कौन होगा, कांग्रेस शासन काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग विशेष सतनामी समाज को एक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगो को नारा लगाने पर शाम को भोकने वाला बता दिया जिसका परिणाम उन्हे अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी तक गवानी पड़ी
,हम तखतपुर क्षेत्र में पांच वर्ष पूर्व से अपने समाज का नेतृत्व करते आ रहे है 126 पंचायतो में से 85 पंचायतों में हमारा समाज है प्रत्येक गांव में हमारे सामाजिक संगठन के 200 से 300 सौ सदस्य है हमने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व विधायक के नेतृत्व में लगभग 72 मुख्य जनप्रतिनिधियों , सरपंच, उपसरपचो व मुखिया को साथ लेकर भाजपा में शामिल हुए है और आज तक भाजपा के लिए सामान्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते आ रहे है, किंतु हमारे लिए आत्म सम्मान से बड़ा कुछ नही, जो नेता तखतपुर क्षेत्र में एक जाति विशेष अनुसूचित जाति वर्ग का नेतृत्व तखतपुर क्षेत्र में करता है उसे वहां की टी.आई. मुख्यमंत्री से और अपना विधायक से स्वागत तो दूर मिलने नही दिया जाता तो समझो उस क्षेत्र के लोग जाति विशेष के नजरो में उनका क्या महत्व रह जायेगी,और समाज विशेष पर इसका क्या मैसेज जायेगा ,भारतीय जनता पार्टी को ऐसे ही अधिकारी लोग अपना पावर का गलत उपयोग गलत जगह में दिखाकर सरकार को बदनाम करने में लग गए है, हम छत्तीसगढ़ सरकार से यह मांग करते ही तखतपुर टी आई को तत्काल यहां से हटाई जानी चाहिए,








