
बिलासपुर :—बेहतर यातायात प्रबंधन, अपराधियों की निगरानी और प्रभावी विवेचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस द्वारा रविवार को विलासा गुड़ी पुलिस लाइन में जिले के समस्त विवेचकों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पुलिस के विवेचना कार्य में उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीकी प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश पर आयोजित इस सेमिनार में विवेचकों को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS), नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) और सशक्त एप के उपयोग और महत्व के बारे में सूक्ष्म रूप से प्रशिक्षित किया गया। सेमिनार में जिले के विभिन्न थानों से आए विवेचकों ने फिजिकल रूप से भाग लिया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के थाना प्रभारी एवं विवेचक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

कार्यशाला में बताया गया कि जिले में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अब केवल मैन्युअल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि हाईटेक तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे, एएनपीआर कैमरे, रॉन्ग वे डिटेक्शन (WWD) और स्पीड वायलेशन डिटेक्शन (SVD) सिस्टम के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर ऑनलाइन निगरानी रखी जा रही है।
वर्तमान में शहर में कुल 550 कैमरे, 23 पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 10 वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले तथा 3 स्मार्ट पोल (पर्यावरण, वाई-फाई और सोलर लाइट सुविधायुक्त) स्थापित किए गए हैं, जिनसे यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
इन सभी तकनीकी प्रणालियों का संचालन इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के माध्यम से केंद्रीय रूप से किया जाता है।
यहां संकलित डेटा के आधार पर न केवल यातायात प्रबंधन बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाती है, जिससे अपराध नियंत्रण और रोकथाम में भी मदद मिलती है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे तथा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के जनरल मैनेजर वाई. श्रीनिवास ने आईटीएमएस प्रणाली के कार्यप्रणाली और इसके उपयोग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं सशक्त एप के माध्यम से चोरी हुए वाहनों की पतासाजी और धरपकड़ में आईटीएमएस के साथ इसके समन्वय से मिलने वाले लाभों के बारे में डॉ. संकल्प राय और आरक्षक आनंद कुर्रे ने विवेचकों को प्रशिक्षित किया।

सेमिनार में नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (NATGRID) के उपयोग से अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों और गिरोहों की पहचान और गिरफ्तारी में मिलने वाली सहायता के बारे में सीएसपी निमितेश सिंह ने विस्तार से जानकारी दी। वहीं नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) के माध्यम से अपराधियों के राष्ट्रीय स्तर पर डेटा संकलन और पहचान की प्रक्रिया के बारे में फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ विद्या जौहर ने विवेचकों को प्रशिक्षित किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यक्रम की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, सीएसपी कोतवाली गगन कुमार, सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह, स्मार्ट सिटी के जनरल मैनेजर वाई. श्रीनिवास, जिले के सभी थाना प्रभारी, विवेचक तथा गुजरात से आए पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।









