
सीपत ,,,,विधानसभा के बजट सत्र के ग्यारहवें दिवस प्रश्नकाल के दौरान मस्तूरी विधायक एवं उपसचेतक दिलीप लहरिया ने बिलासपुर जिले में ई-केवायसी के नाम पर गरीबों को राशन से वंचित किए जाने का अत्यंत गंभीर विषय सदन में प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि सरकार की लापरवाही, प्रशासनिक उदासीनता और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण फरवरी 2026 में लगभग 1,44,336 राशनकार्डधारी सदस्य खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित रह गए। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि इसका सीधा असर गरीब, मजदूर, किसान एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन और उनके भरण-पोषण पर पड़ रहा है।
विधायक लहरिया ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ई-केवायसी प्रक्रिया के दौरान गंभीर तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। सर्वर का बार-बार ठप होना, बायोमेट्रिक (अंगूठे) का सही मिलान न होना, मोबाइल नेटवर्क एवं इंटरनेट की कमी जैसी बाधाओं के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन खामियों का खामियाजा सीधे गरीबों को भुगतना पड़ रहा है, जो कि पूरी तरह अन्यायपूर्ण और असंवेदनशील व्यवस्था को दर्शाता है।उन्होंने सरकार से मांग की कि ई-केवायसी प्रक्रिया को तत्काल सरल, सुलभ एवं पारदर्शी बनाया जाए तथा जिन हितग्राहियों का राशन तकनीकी कारणों से रुका है, उन्हें बिना विलंब खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।सरकार द्वारा दिए गए जवाब से असंतुष्ट होकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल , नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत जी सहित कांग्रेस के सभी विधायकों ने गरीबों के हक में आवाज बुलंद करते हुए सदन से वॉकआउट किया।यह मुद्दा केवल तकनीकी खामी का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन, उनके अधिकार और सामाजिक न्याय से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस पार्टी सदैव आमजन के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी इस संघर्ष को पूरी मजबूती से जारी रखेगी।









