
देशभर में शनिवार को ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। पवित्र रमजान महीने के रोजों के समापन के बाद मनाई जाने वाली यह ईद मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखती है। खुशियों और मिठास के कारण इसे ‘मीठी ईद’ भी कहा जाता है।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव शहर में भी ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े ही शानदार और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नए वस्त्र पहनकर, इत्र लगाकर मस्जिदों और ईदगाहों की ओर जाते नजर आए, जहां विशेष नमाज अदा की गई।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम, सौहार्द व भाईचारे का संदेश दिया। शहर में जगह-जगह खुशी का माहौल देखने को मिला, बच्चे और युवा खासे उत्साहित नजर आए।
ईद की नमाज से पहले फितरा अदा करने की परंपरा भी निभाई गई।
जकात-उल-फितर के माध्यम से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई गई, ताकि वे भी इस त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें। कई लोगों ने व्यक्तिगत रूप से तो कई ने सामाजिक संस्थाओं के जरिए दान-पुण्य किया।

इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाई जाने वाली यह ईद चांद के दीदार पर निर्भर करती है। ऐतिहासिक रूप से इस पर्व की शुरुआत पैगंबर हजरत मोहम्मद द्वारा मदीना में की गई थी।
ईद-उल-फितर का यह पर्व एक बार फिर समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देता नजर आया।।।

देशभर में ईद-उल-फितर की धूम, कोंडागांव में भी दिखा भाईचारे और खुशियों का नजारा">





