
बिलासपुर :— दो वर्षीय मासूम ज़ाहिरा खातून, पिता मोहम्मद जमशेद की इकलौती बेटी, एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई, जब वह अपने दो मंज़िला घर की छत पर खेलते-खेलते अचानक फिसलकर पहली मंज़िल के छज्जे पर गिर गई। हादसे के बाद बच्ची के नाक और कान से खून बहने लगा, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी अलीम अंसारी ने बिना समय गंवाए तत्काल मदद के लिए कदम बढ़ाया। उन्होंने तुरंत बच्ची को शहर के सृष्टि चिल्ड्रन हॉस्पिटल में भर्ती कराया और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रूपेश अग्रवाल से संपर्क कर इलाज शुरू करवाया।
डॉक्टर की सूझबूझ और निस्वार्थ भाव से किए गए उपचार के कारण मासूम ज़ाहिरा की जान बच गई। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची को केवल मामूली चोट (माइनर इंजरी) आई है और वह अब पूरी तरह खतरे से बाहर है।
इंसानियत की मिसाल बने अलीम अंसारी
समाजसेवी अलीम अंसारी की त्वरित कार्यशैली और समाज के प्रति समर्पण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उनके इस सराहनीय कार्य से पूरे समाज में राहत और गर्व का माहौल है।

“जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई” छत से गिरी मासूम ज़ाहिरा सुरक्षित, तत्परता से बची जान">








