
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, बिलासपुर द्वारा थाना प्रभारी सिरगिट्टी को ज्ञापन सौंपकर थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित सभी औद्योगिक संस्थानों, स्पंज आयरन प्लांट, स्टील प्लांट, पावर प्लांट, फैक्ट्रियों एवं ठेका कंपनियों में कार्यरत बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों, कर्मचारियों, ठेकेदारों एवं किरायेदारों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराने की मांग की गई।
जिला संयोजक मनोज कौशिक ने कहा कि हाल ही में जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र में आईएसआई (ISI) से जुड़े एक संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। ऐसे में बिलासपुर जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से आए लोगों के निवास एवं कार्य करने के कारण उनकी पहचान, निवास और चरित्र का सत्यापन राष्ट्रीय सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के बिल्हा ब्लॉक अध्यक्ष नागेश साहू ने ज्ञापन में कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) 2023, पुलिस अधिनियम तथा पुलिस विभाग को प्राप्त वैधानिक अधिकारों का उल्लेख करते हुए मांग की गई है कि बिना पुलिस सत्यापन एवं वैध पहचान दस्तावेजों के किसी भी व्यक्ति को रोजगार अथवा आवास उपलब्ध न कराया जाए। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी दस्तावेजों अथवा अवैध रूप से निवास कर रहे व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अजय कौशिक ने यह भी मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों में समय-समय पर पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त जांच अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को रोका जा सके।
संगठन के कमलेश वर्मा ने कहा कि यह मांग किसी वर्ग विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, जनहित एवं कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, पुलिस महानिरीक्षक (बिलासपुर रेंज) एवं पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर को भी प्रेषित की गई है।







