
बिलासपुर:—
संवेदनाओं को रंगों में पिरोते हुए स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय के छात्र देवव्रत देवांगन ने एक बार फिर अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्षों के अवसर पर जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में देवव्रत ने “छत्तीसगढ़ महतारी” का सजीव चित्रण कर तृतीय स्थान अर्जित किया।
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार ने देवव्रत को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। प्राचार्य डाॅ. यू.के. श्रीवास्तव ने देवव्रत की कला प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि –> “कला केवल रंगों का संयोजन नहीं, यह आत्मा की अभिव्यक्ति है जो मानव जीवन को गहराई और आनंद प्रदान करती है। देवव्रत की यह सफलता उसके भीतर छिपी संवेदनशीलता और सृजनशीलता का प्रमाण है।”
देवव्रत द्वारा बनाए गए चित्र में छत्तीसगढ़ महतारी को पारंपरिक परिधान, सौम्य मुस्कान और समृद्ध सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ दर्शाया गया, जो छत्तीसगढ़ की अस्मिता और गौरव को प्रतिबिंबित करता है। प्रतियोगिता में जिले भर के प्रतिभाशाली कलाकारों ने भाग लिया था,
ऐसे में देवव्रत की यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।महाविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों व सहपाठियों ने भी इस उपलब्धि पर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि देवव्रत का यह कार्य आने वाली युवा पीढ़ी को कला और संस्कृति के प्रति जागरूक करने में प्रेरणा बनेगा।









