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जल जीवन मिशन की टंकी शुरू होने से पहले ही लीक — आमागोहन में गंदगी और भ्रष्टाचार का आलम

 

कोटा (बिलासपुर): —–
ग्राम पंचायत आमागोहन में जल जीवन मिशन के तहत बनी नवनिर्मित पानी की टंकी अभी चालू भी नहीं हुई है, लेकिन इसके आसपास लीकेज और पानी के रिसाव से गंदगी फैल चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी से लगातार पानी बहने के कारण चारों ओर कीचड़ और बदबू फैली रहती है।

गांव में नलचालक और कर्मचारी गंदे पानी से भरी नालियों में उतरकर वाल्व खोलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये कर्मचारी दिन और रात अपनी जान जोखिम में डालकर इस पानी में उतरते हैं ताकि टंकी से आपूर्ति बनी रहे।

💢 बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

ग्राम पंचायत आमागोहन के सरपंच प्रतिनिधि लोचन सिंह ने बताया कि टंकी निर्माण और पाइपलाइन बिछाने के कार्य में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है।

> “मैंने इस खराब निर्माण कार्य की शिकायत कई बार ब्लॉक ऑफिस में की है, लेकिन जल जीवन मिशन के अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते,” — लोचन सिंह, सरपंच प्रतिनिधि

उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने भी कई बार पंचायत और जनपद स्तर पर समस्या उठाई, परंतु अब तक कोई सुधार नहीं किया गया।

🗣️ राजेश पांडेय ने मांगी उच्च स्तरीय जांच

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला कार्यसमिति सदस्य राजेश पांडेय ने कहा कि सरकार की सबसे प्रमुख योजना को ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत ने भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है।

> “जल जीवन मिशन जैसी जनहितकारी योजना को ठेकेदारों ने भ्रष्टाचार से खराब कर दिया है। इसकी शिकायत मैं उच्च स्तरीय जांच के लिए करूंगा,” — राजेश पांडेय, भाजपा किसान मोर्चा नेता

उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल आमागोहन तक सीमित नहीं है, बल्कि कोटा ब्लॉक के अधिकांश आदिवासी और जंगल क्षेत्र के गांवों में जल जीवन मिशन के तहत घटिया निर्माण कार्य हुए हैं।

⚠️ सुशासन दिवस पर भी उठी थी शिकायत

ग्रामीणों का कहना है कि सुशासन दिवस के दौरान भी आसपास के कई गांवों से जल जीवन मिशन की शिकायतें पहुंची थीं, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।

📢 ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि कोटा ब्लॉक के अंतर्गत जल जीवन मिशन के तहत हुए सभी निर्माण कार्यों की जांच स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी या सतर्कता विभाग से कराई जाए और दोषी ठेकेदारों एवं अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

📍 स्थान: ग्राम पंचायत आमागोहन, ब्लॉक कोटा, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

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संपादक: फिरोज खान

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