
भगवती मानव कल्याण संगठन मुंगेली जिला इकाई के द्वारा 24 घण्टे के अखंड दुर्गा चालीसा पाठ का आयोजन बी.आर साव स्कूल ग्राउंड में सम्पन्न हुआ। दिनांक 21 मार्च सुबह 11 बजे से लेकर 22 मार्च दोपहर 12 बजे तक कार्यक्रम आयोजित हुआ। सर्वप्रथम माँ गुरुवर के जयकारे लगाए गए जिसके बाद दिव्य आरती क्रम सम्पन्न किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित भगवती मानव कल्याण संगठन की केंद्रीय महासचिव अजय अवस्थी ने कहा कि आज समाज के उत्थान के लिए आज के समय मे आध्यात्मिक माहौल बनाना आवश्यक है। आज के अशांत जीवन जी रहे लोगो को धर्म के पथ पर बढ़ाना बेहद आवश्यक है तभी लोगो का जीवन सार्थक हो पायेगा। वर्तमान समय में नशामुक्त समाज का निर्माण करना बेहद आवश्यक है। छत्तीसगढ़ का कोना कोना आज नशे की चपेट में है। हर शहर,हर गांव,हर तहसील आज नशे के कारण अशांति की ओर बढ़ रहा है जिसको रोकने के लिए भगवती मानव कल्याण संगठन डोर टू डोर कार्य कर रही है। 1 घण्टे के आरती क्रम,5 घण्टे का अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ,24 घंटे का अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ के माध्यम से कार्यकर्ता गांव-गांव और शहर शहर जाकर लोगो को नशामुक्त कर रहे है।
संगठन के केंद्रीय कार्यालय पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में यही चालीसा पाठ पिछले 30 साल से जनकल्याण के लिए चल रहा है। जिसका प्रताप है उसी के कारण आज लोग आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए प्रेरित हो रहे है। इस चालीसा पाठ में शामिल होना कहीं कहीं योग होगा जिसके कारण आज आप सभी बड़ी संख्या में माँ का गुणगान करने यहां उपस्थित हुए है। अवस्थी ने कहा कि हमारे हर कर्म का दंड हमे भोगना पड़ता है
इसलिए हमें गलत कार्यो को त्याग देना चाहिए। आज आपने किसी को अपशब्द कहा तो निश्चित यह विधान है कल कोई आपको अपशब्द कहने के लिए देने के लिए तैयार रहेगा। इसलिए हमें सदविचारों की ओर आगे बढ़ना होगा। यह मुंगेली शहर सौभाग्यशाली है जहां हजारों की संख्या में उपस्थित साधको की उपस्थिति हुई है अतः वह दिन निश्चित हो गया है कि इस शहर के घर-घर में माँ का ध्वज लहराएगा।
आगे उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार से आग्रह है कि प्रदेश में शराब के सरकारी ठेके देना बंद करे। नशा मुक्ति मांसाहार मुक्त चरित्रवान चेतनावन समाज के निर्माण के लिए उन्होंने भगवती मानव कल्याण संगठन के विचारधारा से जुड़ने का सभी का आवाहन किया। इस कार्यक्रम में संगठन की प्रदेश पदाधिकारी जिला पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।







