
बंगाल की खाड़ी में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। 10 मई के आसपास एक लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना जताई जा रही है, जिसके चलते ओडिशा समेत तटीय राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट…
अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडलों के ताजा संकेतों के बाद मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर टिकी हुई है।
मौसम के वैश्विक मॉडल GFS के बाद अब ECMWF मॉडल ने भी श्रीलंका और तमिलनाडु तट के पास 10 मई तक निम्न दबाव क्षेत्र बनने के संकेत दिए हैं।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इसकी दिशा और तीव्रता को लेकर पूरी स्थिति साफ नहीं हुई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक समुद्री क्षेत्र में वायुमंडलीय परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
इधर मध्य भारत के ऊपर बनी ट्रफ लाइन का असर ओडिशा के मौसम पर लगातार दिखाई दे रहा है।
राज्य के कई हिस्सों में कालबैसाखी के प्रभाव से बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने ओडिशा के लिए मौसम अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण तंत्र ओडिशा की ओर बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम 12 या 13 मई तक लो प्रेशर में बदल सकता है और आगे चलकर डिप्रेशन का रूप भी ले सकता है।
संभावित खराब मौसम को देखते हुए अगले 24 घंटों के लिए येलो वार्निंग जारी की गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
सोमवार के लिए भी 20 जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 30 जिलों के लिए मौसम संबंधी सलाह जारी की गई है।
मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि 11 मई के बाद मौसम की तस्वीर और साफ हो सकती है।
फिलहाल बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित लो प्रेशर सिस्टम पर मौसम विभाग की लगातार नजर बनी हुई है।
आने वाले दिनों में इसका असर ओडिशा समेत कई तटीय राज्यों में देखने को मिल सकता है।

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर का खतरा! ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट">






