
रतनपुर में गूंजेगा शहादते कर्बला का पैगाम, 6 रोज़ा मजलिस 6 से 10 मुहर्रम तक
हक़,सब्र और कुर्बानी का पैगाम लेकर आ रही है 6 रोज़ा मजलिस
रतनपुर..इस्लामी नए साल मुहर्रमुल हराम के अवसर पर मुस्लिम जमात करैहापारा रतनपुर द्वारा हुसैनी चौक में “06 रोज़ा ज़िक्रे शहदाए कर्बला” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक कार्यक्रम चांद की 6 तारीख से 10 तारीख तक प्रतिदिन नमाज़-ए-इशा के बाद आयोजित होगा, जिसमें कर्बला के शहीदों की अज़ीम कुर्बानियों याद किया जाएगा।
इस अवसर पर झारखंड के खतीब अहले सुन्नत हज़रत मौलाना सद्दाम हुसैन मिस्बाही विशेष रूप से शिरकत करेंगे। वे अपने ख़िताब में हज़रत इमाम हुसैन (रज़ि.) और उनके 72 साथियों की बेमिसाल कुर्बानियों पर प्रकाश डालेंगे तथा इंसानियत, भाईचारे, सब्र, सच्चाई और ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाएंगे।कार्यक्रम में जश्ने क़यादत, जश्ने सदारत, तिलावते कुरान और जश्ने इनायत सहित विभिन्न तकरीर होंगे। उलमा-ए-किराम और दीन की खिदमत करने वाली हस्तियां अपने विचार रखकर लोगों को इस्लाम की शिक्षाओं और कर्बला की हकीकत से रूबरू कराएंगी।

आयोजन समिति के अनुसार चांद की 5 तारीख की रात मुकामी उलमा-ए-इकराम का विशेष बयान होगा, जबकि चांद की 6 से 10 तारीख तक मौलाना सद्दाम हुसैन मिख़ाही का ख़िताब आयोजित किया जाएगा।मुस्लिम जमात करैहापारा रतनपुर ने क्षेत्र के तमाम मुस्लिम भाइयों, नौजवानों और अकीदतमंदों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शहीदाने कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश करें और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लें।
कर्बला का पैगाम केवल एक मजहब तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी इंसानियत को सच, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी का संदेश देता है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस आयोजन का आयोजन किया जा रहा है।स्थान: हुसैनी चौक, करैहापारा, रतनपुर
समय: प्रतिदिन नमाज़-ए-इशा के बाद









