
*गरियाबंद*:- शासकीय प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा वातावरण रहा, जहाँ बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया। इस स्नेहपूर्ण माहौल ने नवप्रवेशी बच्चों के मन में विद्यालय के प्रति अपनत्व और उत्साह का भाव जागृत किया।
विद्यालय की विशेष पहल के तहत प्रत्येक नवप्रवेशी बच्चे ने अपने नाम का एक पौधा लगाया। नन्हे हाथों से रोपे गए ये पौधे न केवल हरियाली के प्रतीक बने, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति प्रेम का संदेश भी देते नजर आए। बच्चों ने इन पौधों की देखभाल करने का संकल्प लेते हुए उन्हें अपने जीवन का अभिन्न साथी बनाने का वचन भी दिया।
विद्यालय के प्रभारी प्रधान पाठक एवं राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक खोमन सिन्हा ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में सामाजिक, नैतिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों का विकास करना भी उतना ही आवश्यक है। इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अभिभावकों एवं ग्रामवासियों ने विद्यालय की इस अभिनव पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि शाला प्रवेश उत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना एक अनुकरणीय प्रयास है, जो बच्चों में जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेगा।
कार्यक्रम में प्रभारी प्रधान पाठक एवं राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक खोमन सिन्हा, शिक्षिका धनेश्वरी सिन्हा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूर्णिमा सेन एवं हुलसइया निर्मलकर, सेवानिवृत्त प्रधान पाठक जगन्नाथ ध्रुव, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष ममता मतावले, रामनाथ कुर्रे, सेवती साहू, तारिणी वर्मा, द्रौपदी साहू, सीता साहू, लीलाराम मतावले सहित छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
शासकीय प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द का यह शाला प्रवेश उत्सव शिक्षा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा।

नवप्रवेशी बच्चों ने अपने नाम से लगाए पौधे, शासकीय प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में शाला प्रवेश उत्सव बना यादगार">







