
कोटा….अमाली। अमाली ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रस्तावित कोलवाशरी परियोजना को लेकर आयोजित लोक जनसुनवाई के दौरान प्रभावित गांवों के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जनसुनवाई में अमाली, बिल्लीबंद, नवागांव, पोंड़ी, सल्का, जोगीपुर, खुरदुर, खरगहनी, छेरकाबांधा, पिपरतराई, अमने, गोबरीपाठ, चंगोरी, लखोदना, क्वारीमुड़ा, लालपुर, कोटा और कलारतराई सहित आसपास के कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।ग्रामीणों के साथ क्षेत्र के सरपंच, उपसरपंच, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी परियोजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कोलवाशरी परियोजना से क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों, खेती-किसानी और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के दौरान परियोजना से जुड़े लोगों द्वारा बाहरी तत्वों को बुलाकर ग्रामीणों, आदिवासी महिलाओं एवं पुरुषों पर दबाव बनाने और धमकाने का प्रयास किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का रवैया निष्पक्ष नहीं था तथा स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं सुना गया।

जनसुनवाई स्थल पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर परियोजना के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और स्पष्ट कहा कि क्षेत्र की जनता की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की औद्योगिक परियोजना स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए परियोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की।स्थानीय लोगों का कहना है
कि वे अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे तथा क्षेत्र के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।









