
रतनपुर….विकासखंड कोटा के सभी 51 संकुलों की एक वर्षीय कार्ययोजना (विजन 2026–27) की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संकुल समन्वयकों ने पीपीटी के माध्यम से अपने-अपने संकुल की शैक्षणिक स्थिति, कमजोर बच्चों की पहचान और उनके सीखने के स्तर में सुधार के लिए बनाई गई कार्ययोजना प्रस्तुत की। अधिकारियों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एफएलएन लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
एफएलएन मिशन को गति देने 51 संकुलों ने तैयार किया शिक्षा सुधार का रोडमैप
विकासखंड शिक्षाधिकारी गोपाल कृष्ण दुबे के मार्गदर्शन में आयोजित समीक्षा कार्यशाला में 51 संकुलों के समन्वयकों ने एफएलएन के तहत बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। सभी योजनाओं को ‘संकल्प योजना’ के रूप में स्वीकार करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया।
कमजोर बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने बनेगी विशेष रणनीति, 51 संकुलों की कार्ययोजना प्रस्तुत
विकासखंड कोटा में आयोजित समीक्षा बैठक में विद्यार्थियों के न्यूनतम अधिगम स्तर का विश्लेषण किया गया। संकुल समन्वयकों ने कमजोर बच्चों की पहचान, उनकी सीखने संबंधी समस्याओं और समाधान के लिए तैयार कार्ययोजना साझा की। अधिकारियों ने नवाचार के साथ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया।
कागजों तक नहीं, स्कूलों में दिखे परिणाम’—बीईओ गोपाल कृष्ण दुबे
वार्षिक कार्ययोजना समीक्षा बैठक के समापन अवसर पर विकासखंड शिक्षाधिकारी गोपाल कृष्ण दुबे ने कहा कि तैयार की गई योजनाएं केवल दस्तावेज बनकर न रहें, बल्कि प्रत्येक विद्यालय में प्रभावी ढंग से लागू हों। उन्होंने शिक्षकों और संकुल समन्वयकों से कमजोर बच्चों को अपेक्षित शैक्षणिक स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम, 51 संकुलों ने लिया ‘संकल्प योजना’ लागू करने का संकल्प
विकासखंड के सभी 51 संकुलों द्वारा तैयार वार्षिक कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान शिक्षा सुधार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। एबीईओ नवनीत तंबोली, श्रीमती दीपिका रोज किंडो और बीआरसीसी प्रमोद शुक्ला ने शिक्षकों को नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में बलदाऊ सिंह श्याम, श्रीमती नंदनी चौबे, दिनेश चतुर्वेदी और सुखदेव प्रसाद पाण्डेय की विशेष भूमिका रही।

51 संकुलों की वार्षिक कार्ययोजना की समीक्षा, कमजोर बच्चों की पढ़ाई पर विशेष फोकस">







