
पत्थलगांव – 26 फरवरी की कार्यवाही के दौरान विधायक गोमती साय ने सड़कों की जर्जर हालत, भ्रष्टाचार की शिकायतों और स्व-सहायता समूहों के कामकाज पर सरकार को घेरा।
सड़कों का संधारण करोड़ों खर्च पर क्या गुणवत्ता है,विधायक गोमती साय ने जशपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़कों के रखरखाव (मेंटेनेंस) का मुद्दा उठाया जिस पर सरकार ने बताया कि पिछले 3 वर्षों में जिले के 63 मार्गों पर संधारण कार्य के लिए राशि स्वीकृत की गई है।
विधायक ने पूछा कि क्या इन सड़कों की खराब गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की है – सरकार ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि गुणवत्ता को लेकर कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए किसी जांच या कार्रवाई का प्रश्न ही नहीं उठता।प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव जैसे क्षेत्रों में नवीनीकरण का कार्य तेजी से हुआ। उदाहरण के लिए, रानीबंध से मकरीबंधा (9.30 कि.मी.) मार्ग के लिए 183.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।
महिला सशक्तिकरण: NRLM में 12 हजार से अधिक समूह सक्रिय
ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में विभाग ने जशपुर जिले में महिलाओं की भागीदारी का बड़ा डेटा पेश किया।जिले में कुल 12,103 महिला स्व-सहायता समूह, 710 ग्राम संगठन और 32 संकुल स्तरीय संगठन कार्यरत हैं।पिछले 3 वर्षों में योजना के तहत 71.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिसमें से 63.60 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं।समूहों को कुल 41,718.80 लाख रुपये का बैंक ऋण और 1,578.60 लाख रुपये का रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराया गया है,जिले की 1,35,056 महिलाएं इस योजना से सीधे तौर पर लाभान्वित हो रही हैं।
विकास कार्यों की स्थिति: पूर्ण बनाम अपूर्ण
विधायक साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति पर भी विवरण मांगा जिसके जवाब में बताया गया कि बगीचा जनपद का हाल: वर्ष 2023-24 में बगीचा जनपद में ‘मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना’ के तहत 96 कार्य स्वीकृत थे, जिनमें से 95 पूर्ण हो चुके हैं और 1 कार्य अभी भी अपूर्ण है,इसी अवधि में 15वें वित्त आयोग से 290 कार्य स्वीकृत हुए, जिनमें से 9 कार्य अब भी लंबित हैं।
विधायक गोमती साय के सवालों ने जहां एक ओर जशपुर में हो रहे विकास कार्यों की गति को रेखांकित किया, वहीं दूसरी ओर गुणवत्ता और शिकायतों को लेकर सरकार के ‘सब ठीक है’ वाले दावे पर सवालिया निशान भी खड़े किए। आगामी समय में देखना होगा कि जिन 2025-26 के कार्यों के लिए बजट स्वीकृत (जैसे पत्थलगांव से किलकिला मार्ग हेतु 712.25 लाख) है, वे समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे होते हैं या नहीं।









