
सुशासन तिहार के पहले ही दिन तखतपुर में दिखी उदासीनता, प्रचार-प्रसार के अभाव में खाली रहे शिविर
तखतपुर :—शासन द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और जनसुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से प्रदेशभर में “सुशासन तिहार” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं भी जन चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनके त्वरित निराकरण का प्रयास कर रहे हैं।लेकिन तखतपुर नगरपालिका क्षेत्र में इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं। शिविर के प्रथम दिवस ही प्रचार-प्रसार के अभाव में आयोजन फीका नजर आया। न तो किसी प्रकार की पूर्व सूचना दी गई, न मुनादी कराई गई और न ही कहीं बैनर-पोस्टर लगाए गए, जिससे आम नागरिकों को इस योजना की जानकारी ही नहीं मिल सकी।

सुशासन तिहार में पहुंच कर भाजपा पार्षद कोमल सिंह मुख्य नगर पालिका अधिकारी को शिविर का जानकारी नहीं देने पर भड़के साथ ही लोगों को इस शिविर से वंचित किया जा रहा है ऐसी नाराजगी व्यक्त करते हुए पार्षद कोमल सिंह ने अपने भाजपा पार्षद साथियों के साथ जमकर अपना भड़ास निकले पार्षद कोमल सिंह ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार सरकार के सारे योजनाओं को जनता तक पहुंचाना चाहती है पर नगर प्रशासन की मानसिकता समझ में नहीं आता लोगों को उनकी शिकायत सरकार तक पहुंचने में दूरियां बना रही है बिना प्रचार प्रसार के शिविर लगाया गया है हितग्राही से ज्यादा अधिकारी बैठे हुए हैं 1:00 तक एक भी जनता आवेदन देने नहीं आए तो दिखावा करने के लिए शिविर लगाने की क्या जरूरत है पहले प्रचार प्रसार मोहल्ले मोहल्ले गली गली व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस के माध्यम से होता तो जनता अपनी समस्या को लेकर आता ऐसे लग रहा था कि जनता का कोई समस्या ही नहीं है
अधिकारी स्वतंत्र होकर बैठे हुए हैं भाजपा पार्टी नाराजगी दिखाते हुए पुनः सिविल को लगाने की मांग आज नगर पालिका कार्यालय में वार्ड क्रमांक 1 से 5 तक के लिए शिविर आयोजित किया गया, जहां लोगों को अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलना था। लेकिन जानकारी के अभाव में अपेक्षित संख्या में लोग नहीं पहुंच सके।
गौरतलब है कि नगर के कुल 15 वार्डों में यह शिविर तीन दिनों तक पांच-पांच वार्डों के हिसाब से आयोजित किया जाना है। शासन की मंशा है कि इस अभियान को एक “पर्व” के रूप में मनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें।हालांकि, तखतपुर में पहले ही दिन जिस तरह की शांति और उदासीनता देखने को मिली, उसने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में प्रशासन इस दिशा में क्या सुधारात्मक कदम उठाता है, ताकि शासन की यह महत्वपूर्ण पहल कागजों तक सीमित न रह जाए और वास्तव में आम जनता तक इसका लाभ पहुंच सके।

सुशासन तिहार में जनता को सूचना नहीं देने पर अधिकारियों पर भड़के पार्षद कोमल सिंह">








