
बिलासपुर :—-मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं की रोकथाम, कानूनी सहायता एवं पुनर्वास को लेकर शिखर युवा मंच द्वारा बिलासपुर के दीप रॉयल होटल में एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासन, पुलिस, श्रम विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार चौहान ने कहा कि मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के पीड़ितों को कानून के तहत कई अधिकार प्राप्त हैं तथा उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित रोजगार के प्रति जागरूक रहने और दूसरे राज्यों में काम करने से पहले पूरी जानकारी लेने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि डीएसपी डी.आर. टंडन ने कहा कि मानव तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की भी बड़ी चुनौती है। उन्होंने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों, बाल श्रम और जबरन मजदूरी की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में लेबर इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा ने श्रमिकों के अधिकारों और पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी। परिचर्चा में पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान, पलायन पंजी के नियमित संधारण तथा विजिलेंस समितियों को सक्रिय करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। अंत में सभी प्रतिभागियों ने मानव तस्करी एवं बंधुआ मजदूरी मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।








