
बिलासपुर जिले के मस्तूरी स्थित बिजली विभाग कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक गरीब किसान से खेत में विद्युत पोल लगाने की प्रक्रिया पूरी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
ग्राम पाराघाट निवासी किसान त्रिलोकी साहू ने अपनी करीब एक एकड़ कृषि भूमि तक बिजली सुविधा पहुंचाने के लिए शासन की योजना के तहत निःशुल्क विद्युत पोल लगाने का आवेदन सीएसपीडीसीएल कार्यालय मस्तूरी में दिया था। आरोप है कि कार्यालय में पदस्थ बाबू सहदेव कुमार चंद्रा ने आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले किसान से 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
किसान त्रिलोकी साहू रिश्वत नहीं देना चाहता था। इसके बजाय उसने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
25 जून 2026 को शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी बाबू सहदेव कुमार चंद्रा ने 10 हजार रुपए स्वीकार किए, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान रिश्वत में ली गई पूरी राशि बरामद कर ली गई। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए रिश्वत मांगने के इस मामले ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल एसीबी की कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है।

मस्तूरी बिजली विभाग में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, 10 हजार रुपए लेते बाबू गिरफ्तार">







