
बिलासपुर के बहुचर्चित SIMS सर्पदंश फर्जीवाड़ा मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले में SIMS पुलिस चौकी में घटना के दौरान और उसके बाद पदस्थ रहे दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में रामकुमार पाटनवार और रामेश्वर भास्कर शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर हीरा खांडे के आपराधिक गिरोह के लिए काम कर रहे थे।
आरोप है कि जब भी किसी मृतक का शव SIMS अस्पताल पहुंचता था, तब ये दोनों पुलिसकर्मी तत्काल गिरोह के सदस्य महेंद्र मनहर को इसकी सूचना देते थे। इसके बाद महेंद्र मनहर अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से संपर्क करता और उन्हें मुआवजे तथा सरकारी आपदा सहायता राशि का लालच देकर मौत का कारण सर्पदंश बताने के लिए तैयार करता था, जबकि कई मामलों में मौत का वास्तविक कारण कुछ और होता था।
जांच के अनुसार, इस साजिश के जरिए शासन के आपदा कोष से मिलने वाली आर्थिक सहायता का गलत तरीके से लाभ उठाया जाता था। बदले में गिरोह और मृतक के परिजन कथित रूप से इस अवैध खेल में शामिल हो जाते थे।
पुलिस का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका शवों की सूचना देने और मृतक के परिजनों को गिरोह के साथ जोड़ने में सहयोग करने की रही है। इसी आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी है, जहां उनसे पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क, अन्य संभावित आरोपियों और फर्जीवाड़े के दायरे को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाएगी।
इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







