
चौकी प्रभारीबेलगहना बी एन बनाफर ने स्टाफ के साथ खुद संभाली ट्रैफिक की कमान
बहनों को जाम और अव्यवस्था से बचाने निभाया भाई का फर्ज
बेलगहना :-रक्षाबंधन विशेष
“कलाई पर राखी का धागा, सड़क पर भाई की जिम्मेदारी…
बहनें सुरक्षित घर पहुंचें, यही खाकी की पहली तैयारी।”
बेलगहना :—रक्षाबंधन पर जब हर भाई अपनी बहन की कलाई पर राखी बंधवाकर उसकी रक्षा का संकल्प ले रहा था, उसी वक्त बेलगहना चौकी प्रभारी बीएन बनाफर ने सड़क पर खड़े होकर सैकड़ों बहनों की राह आसान करने का जिम्मा उठा लिया।

रक्षाबंधन के पर्व पर बाजार और मुख्य मार्गों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए चौकी प्रभारी बीएन बनाफर ने अपने स्टाफ के साथ खुद मोर्चा संभाला।
वे घंटों सड़क पर खड़े रहकर यातायात को व्यवस्थित कराते रहे, ताकि राखी बांधने जा रही बहनों और त्योहार मनाने निकले परिवारों को जाम व अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
यह दृश्य सिर्फ एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी का नहीं था, बल्कि एक बड़े भाई के फर्ज और खाकी की संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बन गया।
वर्दी में ड्यूटी, दिल में भाई का प्यार
रक्षाबंधन के दिन आमतौर पर पुलिसकर्मी भी अपने परिवार और बहनों के साथ त्योहार मनाते हैं, लेकिन बेलगहना चौकी प्रभारी ने पहले जनता की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
सड़क पर वाहनों को व्यवस्थित करते हुए वे लगातार यातायात पर नजर रखते रहे। स्टाफ के जवान भी उनके साथ मुस्तैदी से डटे रहे।
किसी बहन को सड़क पार करने में परेशानी न हो, वाहनों की भीड़ से रास्ता बाधित न हो और यातायात सुचारू बना रहे—इन सबका विशेष ध्यान रखा गया।
भाई का रिश्ता खून से ही नहीं, फर्ज से भी बनता है
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर बेलगहना पुलिस ने अपने कर्तव्य से एक खूबसूरत संदेश दिया—
“हर बहन हमारी अपनी है, उसकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।”

चौकी प्रभारी और पुलिस स्टाफ को सड़क पर व्यवस्था संभालते देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की।

“राखी बांधने बहनें निकलीं घर से,
राह सुरक्षित करने भाई खड़े थे वर्दी में।”
“बहनों की राह में न जाम होगा, न डर—
सड़क पर खड़ा है उनका बड़ा भाई बनकर

खाकी का मानवीय चेहरा
त्योहार पर भी नहीं भूले अपनी जिम्मेदारी
रक्षाबंधन पर जब पूरा शहर त्योहार की खुशियों में डूबा था, तब बेलगहना चौकी प्रभारी बीएन बनाफर और उनका स्टाफ सड़क पर अपनी ड्यूटी निभा रहा था।

पुलिस की यह पहल बताती है कि खाकी केवल कानून का पालन कराने वाली वर्दी नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़ी रहने वाली संवेदनशील शक्ति भी है।
भाई का फर्ज
“बहनों को तकलीफ न हो, इसलिए खुद सड़क पर उतरे”
चौकी प्रभारी बेलगहना बी एन वनाफर
रक्षाबंधन के दिन चौकी प्रभारी का सड़क पर उतरना अपने आप में खास रहा।
बहनों की सुरक्षित और सुगम आवाजाही के लिए उन्होंने यातायात व्यवस्था की निगरानी की।
“बहन की कलाई पर राखी हो या सड़क पर सुरक्षा की जिम्मेदारी—भाई का फर्ज हर जगह सबसे पहले।
लोगों ने कहा—सलाम है ऐसी खाकी को
ड्यूटी के साथ दिखाई इंसानियत
स्थानीय लोगों ने चौकी प्रभारी बीएन बनाफर और पुलिस स्टाफ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व पर पुलिस की ऐसी संवेदनशीलता लोगों का विश्वास और मजबूत करती है।



राखी के दिन सड़क पर उतरा ‘बड़ा भाई’, बहनों की राह में खाकी बनी सुरक्षा की ढाल">








