
सीपत पुलिस और ACCU बिलासपुर की संयुक्त कार्रवाई, 4743 नग प्रतिबंधित दवाएं बरामदगी के मामले में एंड-टू-एंड विवेचना
बिलासपुर:— सीपत थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल एवं टेबलेट की बिक्री के मामले में पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीपत पुलिस और एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी राहुल अग्रवाल (46 वर्ष), निवासी गोविंद नगर, मथुरा, उत्तर प्रदेश को उसके निवास से घेराबंदी कर पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, सीपत थाना क्षेत्र में पूर्व में की गई कार्रवाई के दौरान उग्रसेन लोनिया (60 वर्ष), मुकेश कुमार लोनिया (30 वर्ष) और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा (31 वर्ष) के कब्जे से कुल 4743 नग प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल एवं टेबलेट, जिनका कुल वजन 2495.64 ग्राम था, बरामद किए गए थे। इसके अलावा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे। बरामद सामग्री एवं अन्य जप्त सामान की कुल कीमत करीब 19 लाख 17 हजार 930 रुपये बताई गई है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। मामले की जांच में पुलिस ने एंड-टू-एंड विवेचना करते हुए प्रतिबंधित नशीली दवाओं के स्रोत तक पहुंचने का प्रयास किया।
जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों से जानकारी मिली कि गिरफ्तार आरोपियों द्वारा मथुरा, उत्तर प्रदेश निवासी राहुल अग्रवाल से संपर्क कर प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल एवं टेबलेट मंगाई गई थीं। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी राहुल अग्रवाल की तलाश शुरू की।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देश पर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की गई। उनके निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) बिलासपुर पंकज पटेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में सीपत थाना और एसीसीयू बिलासपुर की संयुक्त टीम उत्तर प्रदेश पहुंची।
टीम ने गोविंद नगर, मथुरा में आरोपी राहुल अग्रवाल के ठिकाने पर घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि प्रतिबंधित नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के नेटवर्क का पता लगाने के लिए मामले में आगे भी विवेचना जारी है।







