
छत्तीसगढ़ की माटी का यह त्योहार दानशीलता, उदारता और आपसी प्रेम का प्रतीक है। छेरछेरा तिहार की मंगलकामनाएं जिला महामंत्री गणेश कश्यप ने ग्रामीणों को दी
”छेरछेरा, माई कोठी के धान ला हेरते हेरा…” की गूंज आपके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली का संचार करे। छत्तीसगढ़ की यह गौरवशाली परंपरा, जहाँ ‘दान’ देने से अहंकार मिटता है
और ‘दान’ लेने से ऊंच-नीच का भेदभाव समाप्त होता है, सभी के परिवार में अन्नपूर्णा देवी की कृपा सदैव बनाए रखे।
खलिहानों में सुनहरी फसल की महक हो, घर-आँगन में खुशियों का डेरा हो, और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की यह सोंधी महक सभी के जीवन के हर कोने को महकाती रहे। नई फसल के आगमन का यह उत्सव आपके स्वास्थ्य, वैभव और उन्नति के लिए मंगलकारी हो।
*जय जोहार, जय छत्तीसगढ़!*
जनपद सदस्य नेहा सचिन साहू ने छेरछेरा तिहार की शुभकामनाएं प्रदेश एवं ग्राम वासियों को दी उन्होंने समय न्यूज़ संवाददाता से कहा कि क्षेत्र में अन्न और धन की कमी ना हो ऐसी शुभकामनाएं मैं सभी क्षेत्र वासियों को देती हूं










