
*गरियाबंद*:- केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व जनपद सभापति रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट कम, भाजपा का घोषणा पत्र अधिक प्रतीत हो रहा। जिस प्रकार भाजपा के घोषणा पत्र हवाई वादों से भरे होते हैं और कभी पूरे नहीं होते ठीक यही हाल मोदी सरकार के बजट का भी है।
पूर्व जनपद सभापति रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि प्रमुख योजनाओं में वास्तविक बजट आम बजट को छुपाया गया है। यदि पिछले 12 वर्षों के बजट की समीक्षा की जाए तो हर साल किसानों की आय दोगुनी करने, युवाओं को रोजगार देने, महंगाई कम करने के दावे किए गए थे। आज तक धरातल पर नहीं उतरे किसान युवा मजदूर और मध्यम वर्ग आज भी मोदी सरकार के छलावे से नाराज है वर्तमान बजट भी सिर्फ आंकड़ों का खेल है जिसमें इस वर्ष के लिए कोई ठोस रोड मैप नजर नहीं आता।
पूर्व जनपद सभापति रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि मोदी की गारंटी और डबल इंजन सरकार का दावा कर केंद्र से अधिक आर्थिक सहायता मिलने की बात कही गई थी, लेकिन बीते दो केंद्रीय बजाटो में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय योजनाओं के अतिरिक्त कोई निर्णय विशेष आर्थिक पैकेज नहीं मिला। इस बार भी प्रदेश को बजट से विशेष उम्मीद थी लेकिन यह उम्मीद भी पूरी तरह टूट गई उन्होंने कहा की डबल इंजन की प्रदेश सरकार मोदी की गारंटी के नाम पर हर माह लगभग 3500 करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है जिससे छत्तीसगढ़ कर्ज में डूबता जा रहा है विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और स्थिति यह है की जो जन कल्याणकारी योजनाएं पहले चल रही थी उसमें से अधिकांश
बंद पड़ी है,या दम तोड़ रही है।
पूर्व जनपद सभापति रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि प्रदेश से भाजपा से 10 सांसद, जिनमें एक केंद्रीय मंत्री और एक राज्यसभा सदस्य शामिल होने के बावजूद छत्तीसगढ़ के साथ हो रहे यह भेदभाव गंभीर और चिंता जनक है। यह प्रदेश का दुर्भाग्य है कि भाजपा सांसद अपनी ही केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए मदद नहीं दिला पाए। उन्होंने कहा कि इस बजट से महंगाई और बढ़ेगी किसान और अधिक परेशान होंगे। युवाओं को रोजगार के लिए भटकना पड़ेगा और प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जाएगा यह बजट छत्तीसगढ़ के हितों के साथ एक बार फिर अन्याय है।








