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गरियाबंद : समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए डिजिटल प्रशासन के निर्देश

ब्यूरो रिपोर्ट समय न्यूज़ लाइव

बायोमेट्रिक उपस्थिति, ऑनलाइन कार्यप्रणाली पर दिया जोर
विभागों को लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए दिए सख्त निर्देश

गरियाबंद :—जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज कलेक्टर  बी.एस. उइके की अध्यक्षता में समय-सीमा की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों की प्रगति, लंबित प्रकरणों के निराकरण तथा शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति पर विभागवार चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन की जवाबदेही, पारदर्शिता और कार्य प्रगति को मजबूत करने के लिए सभी अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करना अनिवार्य है। कलेक्टर  उइके ने बैठक के दौरान मुख्य सचिव के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी विभाग प्रमुख एवं अधीनस्थ कर्मचारी बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर उपस्थिति दर्ज कर अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीरता से पालन करें। उन्होंने यह कहा कि अब किसी भी विभाग में ऑफलाइन कार्य नहीं हेगा तथा सुनिश्चित करें। समस्त कार्यालयीन कार्यप्रणाली डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, जिससे कार्यों का लेखा-जोखा सुरक्षित रहे और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति आएगी।
कलेक्टर  उइके ने कहा कि कार्यालय के सभी स्टाफ के सीआर स्पायरो पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएंगे। जिससे विभागों के कार्य पारदर्शिता भी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब छुट्टी हेतु आवेदन भी पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से ही प्रस्तुत किए जाएंगे। इस व्यवस्था से छुट्टी स्वीकृति प्रक्रिया तेज, सुगम और रिकॉर्ड आधारित हो सकेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति समाप्त होगी। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को समय-सीमा के प्रकरणों की समीक्षा कर समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए और सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों को प्राथमिकता से निपटाएँ। इसके साथ ही ‘जल शक्ति’ कार्यक्रम को संस्थागत रूप प्रदान करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि जल संरक्षण, जल उपयोग दक्षता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु जिले में योजनाबद्ध तरीके से गतिविधियाँ संचालित की जाएँ। बैठक में विभिन्न प्राधिकरणों के अधीन चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की भी विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें और समयबद्ध रूप से कार्यों को पूर्ण करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ जनता को समय पर मिल सके।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर  पंकज डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय समन्वय, त्वरित कार्रवाई और डिजिटल प्रशासन को मजबूत कर जिले की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

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