
कर्मचारियों को पता है सुशासन तिहार महज 4 घंटे का है अपनी उपस्थिति और दस्तक करो और चलते बनो हमारा कौन क्या कर लेगा
कैसा सुशासन तिहार जनता को क्या लाभ अपना पैसा खर्च कर आवेदन दो
उम्मीद लेकर जाओ सुशासन तिहार में और खाली हाथ लौट कर आओ
सुशासन तिहार के 24 घंटे भी नहीं बीते, स्वास्थ्य कर्मचारी फिर कार्यस्थल छोड़कर चले गए
मंच से फटकार के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए कारण बताओ नोटिस
कोटा/बिलासपुर:—सुशासन तिहार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मिली शिकायतों और मंच से अधिकारियों को मिली फटकार के बावजूद लापरवाही जारी है। आमागोहन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी समय के दौरान कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार निम्न कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है:
डॉ. शिवांश पनिका – चिकित्सा अधिकारी
मिथलेश भारद्वाज – आरएमए
मंजुला गुप्ता – एएनएम
रवि मणिकपुरी – फार्मासिस्ट
श्याम साहू – वार्ड बॉय
नोटिस में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिससे आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल सका। इसे गंभीर लापरवाही और शासकीय नियमों का उल्लंघन माना गया है।
मंच से फटकार, फिर भी नहीं बदली स्थिति
ग्रामीणों के अनुसार, सुशासन शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति की शिकायत पहले ही की गई थी। मंच से स्वास्थ्य विभाग और बीएमओ को फटकार भी लगी थी, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही कर्मचारी कार्यस्थल छोड़कर चले गए।
इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि सार्वजनिक फटकार और शिकायतों के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधर रही, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
पंचायत सचिव पर भी गंभीर आरोप
स्वास्थ्य विभाग के बाद अब ग्राम पंचायत आमागोहन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। पंचायत सचिव राजेश उइके पर नाली, सड़क और अन्य निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई निर्माण कार्य केवल कागजों में दिखाए गए, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य नहीं हुए। इसके बावजूद वही सचिव वर्तमान में सुशासन तिहार में ग्रामीणों से शिकायत और आवेदन ले रहे हैं।
सुशासन पर उठते सवाल
लगातार सामने आ रही शिकायतों और नोटिसों ने सुशासन तिहार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जनता प्रशासन से केवल नोटिस नहीं, बल्कि वास्तविक कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।





