
बिलासपुर/मस्तूरी :—बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है। आए दिन होने वाली ट्रिपिंग, बिना सूचना बिजली कटौती और लंबे समय तक रहने वाले ब्रेकडाउन से आम जनता परेशान है। हालात ऐसे हैं कि हल्की बारिश, बूंदाबांदी या तेज हवा चलते ही बिजली गुल हो जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी कोनी फीडर के उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है।
मस्तूरी विद्युत कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिजली बंद होने पर जब विभाग के अधिकारियों या ऑपरेटरों को फोन लगाया जाता है तो फोन तक नहीं उठाया जाता। इससे उपभोक्ताओं को न तो समस्या की जानकारी मिलती है और न ही बिजली बहाल होने का समय पता चल पाता है।
करीब 25 से 30 किलोमीटर तक फैले कोनी फीडर में आए दिन तकनीकी समस्याएं सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में पदस्थ जूनियर इंजीनियर का तबादला हुए दो से तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नए जेई की नियुक्ति नहीं हुई है। वर्तमान में पूरा विद्युत उपकेंद्र लाइनमैन और एई के भरोसे संचालित हो रहा है।
कुछ दिन पहले कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों ने भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में लगातार ट्रिपिंग, बार-बार बिजली बंद होने और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों का उल्लेख किया गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब 33 केवी लाइन पर ही लगातार समस्याएं बनी हुई हैं तो 11 केवी लाइनों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। कई बार सुबह 6 बजे बिजली बंद कर दी जाती है और एक से डेढ़ घंटे बाद सप्लाई बहाल होती है।
अब क्षेत्रवासियों की मांग है कि रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की जाए, बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत दिलाई जाए।
“आखिर कब सुधरेगी मस्तूरी की बिजली व्यवस्था और कब मिलेगी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति?”









