
बिलासपुर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है, लेकिन बारिश का इंतजार अभी भी बना हुआ है। बुधवार को शहर में बारिश नहीं हुई, जबकि तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दीं। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।
पूरे दिन उमस भरे मौसम के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाजारों और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दी। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को गर्मी का ज्यादा असर झेलना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून का किसी क्षेत्र में पहुंचना तत्काल भारी बारिश की गारंटी नहीं होता। मानसूनी हवाओं के साथ पर्याप्त नमी, बादल निर्माण और अनुकूल मौसमीय परिस्थितियां बनने पर ही अच्छी बारिश होती है। फिलहाल प्रदेश में द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण जैसी मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने 25 जून को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक और कहीं-कहीं अंधड़ तथा वज्रपात की संभावना व्यक्त की है। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी।
फिलहाल बिलासपुरवासियों को उमस और गर्मी से राहत देने वाली बारिश का इंतजार है, जिस पर लोगों के साथ-साथ किसानों की भी नजरें टिकी हुई हैं।

बिलासपुर पहुंचा मानसून, फिर भी नहीं बरसे बादल; उमस और गर्मी से लोग बेहाल">








