
*सीपत* बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे अवैध रेत और मुरुम, मिट्टी खनन के मामलों को लेकर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने एक बार फिर भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से वे कछार, सेंदरी और लोफंदी में हो रहे कथित अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं। इस संबंध में कई बार शिकायतें, ज्ञापन और जनआंदोलन किए गए, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में अवैध खनन का दायरा लगातार बढ़ता गया।
पेड़ की कटाई कर अवैध उत्खनन*
अंकित गौरहा ने कहा कि अब ग्राम पंचायत खैरा-डंगनिया के सागौन जंगल में पेड़ों को काटकर अवैध मुरुम खनन किया जा रहा है। बेलतरा में प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा पूरी तरह सवालों के घेरे में है। पहले नदियों का सीना छलनी किया गया, फिर खेत, खलिहान और तालाबों को नुकसान पहुंचा, कब्रिस्तानों तक को नहीं छोड़ा गया और अब जंगलों तक बुलडोजर पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।
संरक्षण में कर रहे हैं अवैध उत्खनन
उन्होंने कहा, “जिन लोगों पर क्षेत्र की जनता ने विकास की जिम्मेदारी सौंपी, वही लोग आज सत्ता के संरक्षण में प्राकृतिक संसाधनों की लूट में लगे हैं। खैरा-डंगनिया के जंगल में दिनदहाड़े जेसीबी और डंपर चल रहे हैं। हाईटेंशन लाइन के नीचे ही 20 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। वन विभाग और खनिज विभाग आंख मूंदे बैठा है।”
गौरहा ने बताया कि अवैध खनन से शासन को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सागौन के 100 से ज्यादा पेड़ काटे जा चुके हैं। इससे भूजल स्तर गिर रहा है और आसपास के खेतों में दरारें आ रही हैं।
7 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर खैरा-डंगनिया में हो रहे अवैध मुरुम खनन पर रोक नहीं लगी और दोषियों पर FIR दर्ज नहीं हुई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता ग्रामीणों के साथ ‘जंगल बचाओ महाआंदोलन’ करेंगे।
प्रशासन का पक्ष
जिला खनिज अधिकारी एस. के. तिवारी ने कहा, “शिकायत मिली है। गुरुवार को संयुक्त टीम भेजी जा रही है। अवैध खनन पाए जाने पर मशीनें जब्त कर कड़ी कार्रवाई होगी।” वन परिक्षेत्र अधिकारी ने कहा, “बिना अनुमति पेड़ कटाई की पुष्टि होने पर प्रकरण दर्ज किया जाएगा।”








