
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी के नेतृत्व में नाका चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज और युवाओं के सम्मान की लड़ाई को लेकर सरकार पर जमकर बरसे ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी
युवाओं ने मांगा अधिकार, सरकार ने बरसाई लाठियां।”
“कलम की आवाज को डंडों से दबाया नहीं जा सकता।”
“जहां युवा रोते हैं, वहां लोकतंत्र कमजोर होता है।”
“युवाओं का सम्मान करो, लोकतंत्र का मान करो।”
“रोजगार दो, अधिकार दो—लाठी नहीं, भविष्य दो।”
“खून की बूंद-बूंद पूछ रही है—आखिर युवाओं का कसूर क्या था?”
“जो सरकार युवाओं से डर जाए, वह जनता का विश्वास खो जाए।”
“छात्रों की आवाज दबेगी नहीं, संघर्ष की मशाल बुझेगी नहीं।”
“लाठी नहीं, अवसर चाहिए; दमन नहीं, सम्मान चाहिए।”
कोटा :—देशभर में छात्रों और युवाओं के आंदोलनों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को कोटा के नाका चौक में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कोटा के अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए। पूरे नाका चौक पर सरकार विरोधी नारों की गूंज सुनाई दी और प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के सम्मान, लोकतंत्र की रक्षा तथा युवाओं के अधिकारों की मांग को बुलंद किया।

धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, रोजगार, शिक्षा और पारदर्शी परीक्षाओं की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज सुनने के बजाय उस पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा में गड़बड़ियां, बेरोजगारी और युवाओं की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए सरकार दमन का रास्ता अपना रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएं, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए।
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरे क्षेत्र में “युवा न्याय दो”, “लोकतंत्र बचाओ” और “छात्रों का सम्मान करो” जैसे नारे गूंजते रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदर्शन के अंत में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर युवाओं की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।








