
चालक की सूझबूझ से बचीं यात्रियों की जान, पुल धंसने के बाद दोनों ओर वाहनों की लगी लंबी कतार
रतनपुर…. बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बांसा झाल में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रतनपुर–पेंड्रा नेशनल हाईवे पर स्थित पुल अचानक धंस जाने से पेंड्रा से बिलासपुर जा रही पुष्पराज बस बीच पुल पर ही फंस गई। चालक की सतर्कता और सूझबूझ के चलते बस समय रहते रोक दी गई, जिससे बस में सवार सभी यात्रियों की जान बच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही बस पुल को पार कर रही थी, अचानक तेज आवाज के साथ पुल में दरार पड़ गई। कुछ ही क्षणों में पुल का एक हिस्सा धंस गया और बस का अगला भाग नीचे की ओर झुक गया। चालक ने तत्काल ब्रेक लगाकर बस रोक दी, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उनकी मदद से बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस कुछ फीट और आगे बढ़ जाती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।पुल धंसने के बाद रतनपुर–कोटा–पेंड्रा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में वैकल्पिक मार्गों का सहारा ले रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की स्थिति लंबे समय से जर्जर थी, लेकिन संबंधित विभाग ने समय रहते इसकी मरम्मत या तकनीकी जांच नहीं कराई। उनका कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और रखरखाव किया जाता तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुल की तत्काल तकनीकी जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा नए एवं मजबूत पुल के निर्माण की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की टीम के मौके पर पहुंचने की तैयारी चल रही थी। सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है और लोगों से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की जा रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुल धंसने के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।









