
बिलासपुर :—-छत्तीसगढ़ के प्रथम तिहार एवं छत्तीसगढ़िया संस्कृति की पहचान हरेली तिहार को छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा बिलासपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पारंपरिक एवं उत्साहपूर्ण तरीके से मनाया गया।
बिल्हा क्षेत्र के नगपुरा गांव में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से गेड़ी, नागर एवं कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर पूरे गांव के साथ हरेली तिहार मनाया। इस अवसर पर अच्छी फसल, गांव की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की गई।
वहीं कोटा क्षेत्र के कौंचरा गांव में छत्तीसगढ़ महतारी की विधिवत पूजा-अर्चना कर ग्राम स्तर पर हरेली तिहार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया तथा छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा एवं लोक विरासत को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।
इसी तरह बिलासपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की टीम द्वारा हरेली तिहार के आयोजन किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, लोक परंपराओं और छत्तीसगढ़िया अस्मिता को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने कहा कि हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी, प्रकृति, लोकजीवन और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण तिहार है। हमारी जिम्मेदारी है कि अपनी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
कार्यक्रमों में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। सभी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हरेली तिहार मनाते हुए छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया गया हरेली तिहार">







