
युवा जिला अध्यक्ष किशोर पोयाम ने कहा— सड़क की मांग करना अपराध नहीं, ग्रामीणों की आवाज दबाने के बजाय सड़क की हालत सुधारे सरकार
नारायणपुर:— अंतागढ़ से नारायणपुर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों एवं आदिवासी समाज में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ एवं खराब सड़क के कारण ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, मरीजों तथा आम राहगीरों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी के युवा जिला अध्यक्ष किशोर पोयाम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार आदिवासी हित, विकास और अधिकारों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अपने मूलभूत अधिकारों एवं सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की मांग करने वाले ग्रामीणों की आवाज को दबाने का प्रयास किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
किशोर पोयाम ने कहा कि स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों द्वारा खराब सड़क एवं भारी वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय ग्रामीणों एवं आम आदमी पार्टी के नेता नरेंद्र नाग की आवाज को दबाने के लिए प्रभावशाली ठेकेदारों, संबंधित यूनियनों एवं परिवहन से जुड़े लोगों के दबाव का इस्तेमाल किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
किशोर पोयाम ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों का सीधा सवाल है— “क्या छत्तीसगढ़ में अब सड़क की मांग करना भी अपराध हो गया है? क्या आदिवासी अपने बच्चों की सुरक्षा, मरीजों की सुविधा और अपने गांव की सड़क के लिए आवाज नहीं उठा सकते?”
उन्होंने कहा कि अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि दर्जनों गांवों के लोगों की जीवनरेखा है। इसी मार्ग से बच्चे स्कूल जाते हैं, ग्रामीण अस्पताल एवं बाजार पहुंचते हैं और हजारों लोगों का दैनिक आवागमन जुड़ा हुआ है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति के कारण यदि किसी बच्चे, मरीज या आम ग्रामीण के साथ दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने सरकार और प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि यदि सड़क की स्थिति सुधारने की मांग करने वाले ग्रामीणों पर FIR दर्ज होती है, तो फिर उनकी समस्याओं का समाधान कौन करेगा? सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा है या प्रभावशाली लोगों के हितों की रक्षा।
किशोर पोयाम ने मांग की कि अंतागढ़–नारायणपुर मार्ग की तत्काल स्थलीय जांच कर सड़क की मरम्मत एवं आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क को हो रहे नुकसान का आकलन किया जाए तथा ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ग्रामीणों और आदिवासी समाज की जायज समस्याओं को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से उठाती रहेगी। ग्रामीणों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।









