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माहामाया चौक में लूट की वारदात का खुलासा, कुछ ही घंटों में 2 आरोपी और 3 नाबालिग पकड़े गए

रतनपुर से ताहिर अली की रिपोर्ट
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोर्ट

डंडा दिखाकर युवक से 1200 रुपये की लूट, रतनपुर पुलिस ने ऑटो समेत 1000 रुपये किए बरामद

रतनपुर….महामाया चौक में देर रात युवक से लूटपाट करने के मामले में रतनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के चंद घंटों के भीतर 2 आरोपियों समेत 3 विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1000 रुपये नगद और वारदात में इस्तेमाल ऑटो क्रमांक CG 10 CD 7944 जब्त किया है।

इलाज कराकर घर लौट रहा था युवक

पुलिस के मुताबिक ग्राम कर्रा निवासी युवराज सिंह प्रधान 17 अगस्त की रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर से इलाज कराने के बाद अपने घर लौट रहा था। रात करीब 12 बजे वह महामाया चौक स्थित कृष्णा ट्रेडर्स के पास पहुंचा। इसी दौरान एक ऑटो में सवार कुछ युवक वहां पहुंचे और उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए पैसों की मांग करने लगे।युवक द्वारा पैसे नहीं होने की बात कहने पर आरोपियों ने हाथ में रखे डंडे से धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दी और उसकी पैंट की जेब से करीब 1200 रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए।

रात में ही शुरू हुई आरोपियों की तलाश

घटना की रिपोर्ट मिलते ही रतनपुर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर निर्देश प्राप्त किए और तत्काल पुलिस टीम गठित कर आरोपियों एवं घटना में प्रयुक्त ऑटो की तलाश शुरू कराई।जांच के दौरान ऑटो सवार युवकों की पहचान सरकंडा क्षेत्र के इमलीभाठा निवासी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्धों के घरों में घेराबंदी कर राहुल दुबे (25), पवन कुमार गौहर (19) और 3 अन्य विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया।

पूछताछ में लूट की वारदात स्वीकार

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने लूटपाट की घटना में शामिल होना स्वीकार किया। उनके कब्जे से 1000 रुपये नगद और घटना में प्रयुक्त ऑटो बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों एवं विधि से संघर्षरत बालकों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय,नीलाकर सेठ,आरक्षक आकाश डोंगरे,धीरज कश्यप, देवानंद चन्द्राकर, बसंत मानिकपुरी, हरनारायण नेटी, मोरध्वज चन्द्रा और धनराज कुम्भकार का विशेष योगदान रहा।

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