
बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक ताला क्षेत्र में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के दौरान 21 शिक्षकों और कर्मचारियों के ड्यूटी से गायब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों ने पहले कार्यक्रम स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इसके बाद वहां से चले गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिल्हा के बीईओ ने संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को ऐतिहासिक ताला क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन कार्यक्रम के दौरान 21 शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कार्यस्थल से नदारद पाए गए।
मामला सामने आने के बाद बिल्हा विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करने को लेकर जवाब मांगा गया है।
जानकारी के मुताबिक, ड्यूटी में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई थी। ऐसे में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कार्यक्रम स्थल से चले जाने को लेकर विभाग ने जवाब तलब किया है।
अब संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल मामला कारण बताओ नोटिस और विभागीय जवाब-तलब की कार्रवाई तक है।

दीप जलने से पहले ही ‘गायब’ हुए 21 शिक्षक, उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम स्थल से खिसके">








